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Jalaun News: निर्माणाधीन बुंदेलखंड प्रवेश द्वार गिरा, सात मजदूर घायल, ठेकेदार हिरासत में

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फोटो - 33 औरैया जिला अस्पताल में इलाज कराते घायल मजदूर।
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कुठौंद। थाना क्षेत्र के शंकरपुर के पास यमुना पुल से पहले निर्माणाधीन बुंदेलखंड प्रवेश द्वार का लिंटर शटरिंग सहित भरभराकर गिर गया। हादसे में द्वार के ऊपर काम कर रहे सात मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गए। चर्चा है कि घटिया निर्माण के चलते यह हादसा हुआ है। पुलिस ने घायलों को औरैया के अस्पताल में भर्ती कराया, यहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ठेकेदार को हिरासत में ले लिया है।
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औरैया सीमा को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब 21 लाख रुपये की लागत से प्रवेश द्वार का निर्माण लोक निर्माण विभाग खंड तृतीय द्वारा कराया जा रहा है। काम ठेकेदार करा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शटरिंग दो महीने से लगी हुई थी और हाल ही में आई आंधी के चलते ढांचा पहले ही कमजोर हो गया था। शुक्रवार की शाम को लिंटर डालने के दौरान अचानक शटरिंग में लगी एक सपोर्ट (बली) टूट गई। इससे पूरा स्ट्रक्चर भरभराकर नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि लेंटर में करीब 100 बोरी सामग्री डाली जानी थी, लेकिन हादसे के समय तक लगभग 30 बोरी ही डाली जा सकी थी।

हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद द्विवेदी पुलिस टीम के साथ पहुंचे और स्थानीय लोगों व मजदूरों की मदद से जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर दबे मजदूरों को बाहर निकाला। जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती गोविंद (35), धीरेंद्र (32) व धीरू (40) में गोविंद व धीरेंद्र की हालत गंभीर देख उन्हें औरैया के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं अन्य घायलों में सुनील (25), रूप सिंह (30), रवि (35), हीरो (32) को सीधे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसडीएम हेमंत पटेल और सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और जांच के निर्देश दिए हैं।
इनसेट
हादसे के वक्त 15 मजदूर काम कर रहे थे
लोगों ने बताया कि छह महीने से निर्माण कार्य चल रहा है, एक हिस्सा तैयार हो चुका था, जबकि दूसरे हिस्से पर करीब 25 फीट ऊंचाई पर शटरिंग लगाकर लेंटर डाला जा रहा था। घटना के समय पांच मजदूर ऊपर और करीब 15 मजदूर नीचे काम कर रहे थे। मौके पर मजदूर बिना किसी सेफ्टी उपकरण के काम कर रहे थे और नियमानुसार लोहे की मजबूत शटरिंग के बजाय कमजोर व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया था।

वर्जन
घटना की जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। घायलों को औरैया भिजवाया गया है। - हेमंंत पटेल, एसडीएम

फोटो - 33 औरैया जिला अस्पताल में इलाज कराते घायल मजदूर।

फोटो - 33 औरैया जिला अस्पताल में इलाज कराते घायल मजदूर।

फोटो - 33 औरैया जिला अस्पताल में इलाज कराते घायल मजदूर।

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