उरई। तीन वर्ष पहले 19 वर्षीय युवती से गैंगरेप के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने चाचा-भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 62-62 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उरई कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 18 अगस्त 2022 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 17 अगस्त को नाबालिग बेटी दुकान पर सामान लेने गई थी। उसी दौरान गांव का ही जीतू कुशवाहा उसे पकड़कर बाड़े में ले गया और छेड़खानी करने लगा। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे तब आरोपी भाग निकला। परिजनों ने पीड़िता के कपड़े फटे देखे तो दुष्कर्म की आशंका हुई।
पुलिस ने छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी जीतू को 20 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया लिया। पीड़िता का मेडिकल कराया गया तथा कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए गए जिसमें पीड़िता ने जीतू कुशवाहा तथा उसके चाचा मलखान पर दुष्कर्म और गैंगरेप का आरोप लगाया। विवेचना सीओ उमेश कुमार पांडेय ने की जिसमें पीड़िता की आयु 19 वर्ष पाई गई और गैंगरेप में मलखान की संलिप्तता भी मिली थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, एससी/एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में जांच पूरी कर ती अक्तूबर 2022 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान लिए गए जिनमें आरोपियों पर गैंगरेप का आरोप सिद्ध हुए। शनिवार को तीन वर्ष चले ट्रायल के बाद अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों का अवलोकन कर जीतू और मलखान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 62-62 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
वारदात के बाद भयभीत थी पीड़िता
डरी सहमी युवती जब घर पहुंची तो परिजनों के होश उड़ गए थे। उन्होंने जब उससे पूछा तो वह बहुत ही भयभीत थी। सिर्फ इतना ही बता पाई थी कि उसके साथ गलत हुआ है। फटे कपड़ों को देखकर परिजनों ने केवल छेड़खानी की तहरीर दी थी लेकिन जब युवती कोर्ट में पहुंची तो उसने वारदात के बारे में पूरी जानकारी दी। इस पर दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।