उरई। एससी/एसटी एक्ट के मामले में आठ साल बाद कोर्ट ने दो भाइयों समेत तीन लोगों को दोषी पाते हुए दो दो साल की कैद और पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला जालौन कोतवाली क्षेत्र का है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जालौन कोतवाली क्षेत्र के भिटारा निवासी दयाशंकर ने 24 अक्तूबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 24 अक्तूबर की सुबह करीब आठ बजे भिटारा के भीकम सिंह, टीकम सिंह समेत आधा दर्जन लोगों ने घर में आकर जातिसूचक गालीगलौज की। मना करने पर लाठी, कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया। मारपीट में उसकी पत्नी और बेटे को भी चोटें आई थी। आसपास के लोगों के आने पर हमलावर भाग गए थे। इस मामले की सुनवाई विशेष जज एससी/एसटी कोर्ट शिवकुमार की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को ट्रायल पूरा होने के बाद विशेष जज ने भीकम सिंह, टीकम सिंह और धर्मेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए दो दो साल की कैद और पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।