उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर रेलवे दो नए अंडरपास बनाएगा। इसके लिए दो दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें रेलवे क्रॉसिंग पर खड़े होकर ट्रेन गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे ने नापजोख के बाद बिजली और सिग्नल केबल हटाने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोनों अंडरपास चार-चार करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे।
रेलवे ने झांसी-कानपुर रेलमार्ग में रेलवे क्रॉसिंग नंबर 173 व 174 पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया है। यह दोनों क्रॉसिंग एट व भुआ रेलवे स्टेशन के बीच में है। दोनों अंडरपास बनने से खेरा, वर्ध, इमिलिया, अकोढ़ी, धगुआ कला, हरदोई गूजर, बड़ा धगुआ, पड़ुआ, दौलतपुरा, खरुसा, कुसुमी, कपासी, भुआ, गिरथान, कैथेरी, नुनसाई, नरछा, बड़ागांव समेत दो दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही काबिलपुरा से धगुआ जाने के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, अंडरपास बनने के बाद सीधे पहुंच जाएंगे। इससे करीब दस किलोमीटर का चक्कर बचेगा। सबसे खास बात यह है कि इन अंडरपास बनने से किसानों को रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह अंडरपास से सीधे निकल जाएंगे, साथ ही हादसे भी बचेंगे। इसके अलावा मवेशी भी ट्रैक पर नहीं पहुंच जाएंगे।
खेती-किसानी के काम में हो जाएगी सहूलियत
खेराकला के संजीव कुमार का कहना है कि अंडरपास बनने से खेती किसानी के काम करने में सहूलियत हो जाएगी। ट्रेन आने के चक्कर में क्रासिंग बंद रहती थी, अब क्रासिंग के नीचे अंडरपास बन जाएगा। इससे खड़ा नहीं होना पड़ेगा। साथ ही घूमकर भी नहीं जाना होगा।
ट्रैक पर नहीं जा पाएंगे मवेशी
गिरथान के युनुस अली कहते हैं का कहना है कि कोंच, हरदोई आदि जाने के लिए अंडरपास के माध्यम से बिना रुके सीधे जा सकेंगे। साथ ही मवेशी भी ट्रैक पर नहीं जा पाएंगे। किसान अंडरपास के नीचे से अपने मवेशी ले जा सकेंगे। बरसात में जो मवेशी ट्रैक पर खड़े हो जाते थे, वह भी बंद हो जाएगा।
वर्जन
अंडरपास बनने पर रेलवे क्रॉसिंग से आवाजाही बंद कर दी जाएगी। गेटमैन को भी हटाकर क्रासिंग मानव रहित कर दी जाएगी और लोगों की आवाजाही अंडरपास के नीचे से होगी। अंडरपास बनाने का काम झांसी की एक कंपनी को दिया गया है। 2025 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य है। अंडरपास बनाने और उसे व्यवस्थित करने में करीब चार चार करोड़ की लागत आएगी।-मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी झांसी मंडल