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एक हजार प्रवासी कामगारों को लेकर आई दो ट्रेनें

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क्रांति - फोटो : ORAI
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उरई (जालौन)। प्रवासी कामगारों को लेकर सोमवार को दो ट्रेनें उरई स्टेशन पर आई। इन दोनों ट्रेनों में करीब एक हजार प्रवासी कामगार उरई स्टेशन पर उतारे गए। सभी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद बसों से गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
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आंध्र प्रदेश के कटप्पा से बस्ती के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए 580 प्रवासी कामगारों को उरई स्टेशन पर उतारा गया। यह ट्रेन करीब साढ़े नौ घंटे देरी से आई। इस ट्रेन को उरई रविवार रात 9.16 बजे आना था पर यह ट्रेन सोमवार सुबह 6.34 बजे उरई पहुंची। इस ट्रेन में जालौन, हमीरपुर, बांदा, महोबा, चित्रकूट आदि जनपदों के प्रवासी कामगारों को उतारा गया। इसके बाद ट्रेन 7.05 बजे बस्ती के लिए रवाना हुई। इसके बाद करीब तीन बजे गुजरात के राजकोट से गाजीपुर जाने वाली ट्रेन भी करीब दो घंटे की देरी से उरई स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन से झांसी, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा के 28 बच्चों समेत 429 प्रवासी कामगार उतारे गए।
स्टेशन पर एसडीएम सतेंद्र सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय, जीआरपी इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सैनी, सीसीआई अनूप सक्सेना, सीटीआई डा. आरके शाक्या की देखरेख में प्रवासी कामगारों को स्टेशन से कतारबद्ध होकर बाहर निकाला गया। इस दौरान समाजसेवी संगठनों की ओर से सभी को बिस्कुट, फल, लंच पैकेट आदि दिए गए। विधायक गौरीशंकर वर्मा, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने संस्कार ग्रामोत्थान संस्था की ओर से प्रवासी कामगारों को चप्पल वितरित कीं। एआरएम केएन चौधरी के मुताबिक, दोनों ट्रेनों से लगभग एक हजार यात्री आए हैं, जिन्हें 25 बसों से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
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घर-गांव में ही काम तलाशेंगे
हमीरपुर के गोहांड की क्रांति ने बताया कि वह पति व बच्चों के साथ राजकोट में रहती थी। पति एक कंपनी में ठेकेदार के अंडर में काम करते थे। लॉकडाउन में काम न मिलने के कारण खाने पीने की समस्या हो गई थी। जिसकी वजह से लौटना पड़ा। अब अपने ही गांव घर में काम तलाशेंगे।
ठेकेदार नहीं दे रहा था पगार
कदौरा के बल्लू ने बताया कि वह एक कंपनी में बेयरिंग का काम ठेकेदार के अंडर में करते हैं। ठेकेदार ने भी पगार देने से मना कर दिया। ऐसे में दिक्कत हो रही थी। मजबूरी में लौटना पड़ा। वह रमजान माह होने से रोजा रखे हैे। लेकिन ट्रेन में रोजेदारों के लिए कोई इंतजाम न होने से कारण समस्या हुई। ट्रेन भी लेट चल रही है।

बल्लू- फोटो : ORAI

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