उरई। जालौन कोतवाली क्षेत्र में चार साल पहले घर में घुसकर मारपीट करने और गाली गलौज करते हुए जाति सूचक शब्द कहने पर दो सगे भाइयों को गुरुवार को एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शिवकुमार की अदालत ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा होगी।
शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र भदौरिया ने बताया की जालौन कोतवाली क्षेत्र के हरीपुरा गांव निवासी गौरी बहु ने 27 नवंबर 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया की उसके बेटे बादशाह सिंह को गांव के ही रहने वाले विनीत व उसका भाई कुलदीप उर्फ भूरे ने घर के बाहर से पकड़ ले गए थे। किसी तरह वह उनके चंगुल से छूटा और घर वापस आया। दोनों भाई पीछा करते हुए घर आ गए और गाली गलौज और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके व उसके बेटे के साथ मारपीट की। पुलिस ने उसी साल 13 दिसंबर को एससी एसटी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस मामले में बाद में आरोपियों ने जमानत ले ली थी। पुलिस ने कोर्ट में 21 जनवरी 2021 को चार्जशीट दाखिल की। एससी एसटी कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस व गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर एससी एसटी कोर्ट के विषेश न्यायाधीश शिवकुमार ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।