उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बाइक सवारों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। दोनों राजमिस्त्री थे और काम करके घर लौट रहे थे। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम करतलापुर निवासी मुन्ना सिंह (35) और कृपाशंकर (40) राजमिस्त्री थे। दोनों एक साथ ही काम लिया करते थे। बुधवार को वह जालौन कोतवाली क्षेत्र के औरेखी गांव में भवन निर्माण कार्य कर रहे थे। काम करने के बाद वह रात करीब 10 बजे वे घर लौट रहे थे। जैसे ही वह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 213 के पास मड़ोरा-मड़ोरी के बीच सर्विस रोड पर पहुंचे कि किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मुन्ना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कृपाशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, यहां उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।
मुन्ना के तीन, जबकि कृपाशंकर के चार बच्चे हैं। थाना प्रभारी सतीश कुशवाहा ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
दोस्ती की मिसाल, हर पल साथ रहने वाले थे दोनों
मुन्ना और कृपाशंकर सिर्फ काम के साथी नहीं, बल्कि गहरे दोस्त भी थे। दोनों रोज साथ में ही मजदूरी करने जाते, दिनभर एक साथ काम करते और फिर साथ बैठकर खाना खाते थे। काम खत्म होने के बाद भी दोनों का साथ नहीं छूटता था। एक ही बाइक से घर लौटते और खाली समय में भी अक्सर एक-दूसरे के साथ ही नजर आते थे। गांव में उनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। इस हादसे में दोनों का एक साथ दुनिया छोड़ जाना पूरे गांव को भावुक कर गया।
हेलमेट होता तो शायद बच सकती थी दोनों की जान
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर दोनों ने हेलमेट पहना होता तो चोट की गंभीरता कम हो सकती थी और उनकी जान बचने की उम्मीद रहती। तेज रफ्तार और बिना सुरक्षा के सफर इस हादसे में घातक साबित हुआ। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अहमियत को उजागर करती है और लोगों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करने की जरूरत को रेखांकित करती है।