उरई। जिले के 33 ग्रामीण और सात शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला लगा। सीएमओ ने पीएचसी, सोमई में दो डॉक्टरों के नदारद मिलने पर एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य मेले के इंतजाम में लापरवाही पर प्रभारी चिकित्साधिकारी पिंडारी से भी जवाब तलब किया गया।
रविवार को 43 चिकित्सक व 145 पैरामेडिकल स्टाफ ने 782 पुरूष, 573 महिला व 214 बच्चों समेत 1569 रोगियों का परीक्षण किया गया। 40 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 81 बुखार से पीड़ित मरीजों में चार की मलेरिया कार्ड से जांच की गई। 10 रोगियों की हेपेटाइटिस की जांच हुई। 18 लोगों ने आंखों का परीक्षण कराया। 38 गर्भवती का भी परीक्षण हुआ। गंभीर नौ मरीजों को एंबुलेंस से उच्च सेंटर रेफर किया गया।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमई में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का निरीक्षण किया। केंद्र पर फार्मासिस्ट वीरेंद्र चतुर्वेदी और स्टाफ नर्स भावना मौजूद मिली। जबकि डॉक्टर धनीराम,डॉक्टर चंद्रशेखर कंचन व अन्य कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इस पर सभी का एक दिन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं मेले की समुचित व्यवस्थाएं न करने, लापरवाही पर प्रभारी चिकित्साधिकारी पिंडारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। मेले में 238 लिवर संबंधी, 111 सांस संबंधी, 219 त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज पहुंचे। इसके अलावा 82 डायबिटीज, छह खून की कमी व 51 उच्च रक्तचाप के रोगी देखकर इलाज दिया गया।
मरीजों को लू से बचाव करने की दी सलाह
फोटो-20-पीएचसी उदनपुरा में मरीज को देखती डॉक्टर। स्रोत-विभाग
कालपी। पीएचसी उदनपुरा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 57 मरीजों का उपचार करके दवा दी गई। चिकित्साधिकारी डॉ रंजना सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मेले में चिकित्सकीय टीम ने मरीजों का उपचार करके गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए सुझाव दिए। कहा कि भीषण गर्मी तथा लू की चपेट में आकर के उल्टी, दस्त एवं पेट रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए सभी लोग ताजा भोजन ग्रहण करें। शुद्ध पानी का प्रयोग करें। पूरे कपड़े पहनकर दोपहर को घर से बाहर निकले। किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण होने पर डॉक्टरों की सलाह पर दवाइयों का प्रयोग करें। चीफ़ फार्मासिस्ट राकेश बघेल ने बताया कि मेले में 22 पुरुष, 18 महिलाओं व 17 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करके इलाज किया गया। (संवाद)