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Jalaun News: महीने में दो करोड़ खर्च, फिर भी स्वच्छता अभियान नहीं चढ़ा परवान

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उरई। नगर पालिका रोजाना शहर को स्वच्छ रखने के लिए करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये हर महीने खर्च करती है। इसमें कर्मचारियों की सैलरी और डीजल से लेकर चूना सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके बाद भी शहर की स्वच्छता परवान नहीं चढ़ पा रही है। लोग हर महीने 500 से अधिक शिकायत कर रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर इतना पैसा कहां खर्च हो रहा है।
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शहर के 34 वार्डाें में करीब तीन लाख की आबादी रहती है। इनमें नाली से लेकर सड़कों को साफ करने के लिए नगर पालिका ने 550 कर्मचारी लगाए हैं। गलियों की साफ के बाद कूड़ा ले जाने के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं साथ ही 70 से 75 वाहन भी हैं। इन वाहनों पर करीब 25 से 26 लाख रुपये का डीजल भी खर्च होता है। इसके बाद भी शहर में कहीं भी स्वच्छता अभियान नहीं दिख रहा है।
मुख्य बाजार से लेकर मोहल्ले की आखिरी गली तक गंदगी से पटी पड़ी है। बजरिया, आंबेडकर चौराहा के पास, बघौरा, इंदिरा स्टेडियम के सामने, नया पटेल नगर, सुशील नगर, इंदिरा नगर में गंदगी का अंदर लगा हुआ है। कई दिनों तक सफाई नहीं होती है। अब सवाल है कि दो करोड़ रुपये किसके ऊपर हर महीने खर्च किए जा रहे हैं। इसको लेकर कई सभासदों ने भी आरोप लगाए हैं कि नगर पालिका में डीजल की चोरी की जाती है। कर्मचारी मनमानी करते हैं। वार्ड में रोजाना पहुंचते नहीं हैं। इसके चलते हर वार्ड में गंदगी पसरी हुुई है।
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शौचालयों की स्थिति खराब

शहर के अंदर करीब 20 शौचालय बने हुए हैं। इसमें चुनिंदा ही संचालित हैं। जो हैं उनमें गंदगी पसरी हुुई है। इसके चलते कोई उनमें जाना नहीं चाहता है। सबसे बड़ी बात यह है कि महिलाओं के लिए शहर में कोई पिंक शौचालय नहीं हैं। वहीं झांसी रोड पर मोक्षधाम के पास बना शौचालय महीनों से बंद पड़ा है। नगर पालिका ने सभी मोहल्ले में कूड़ा गाड़ी लगा रखी है। इनका काम घरों से निकलने वाले कूड़े को इकट्ठा कर एमआरएफ सेंटर लेकर जाने का है। अधिकतर मोहल्लों में गाड़ी रोजाना जाती ही नहीं हैं।इसे लेकर सभासदों ने पहले भी शिकायत की थी। कोई ध्यान नहीं दिया गया।



सभासदों ने लगाए आरोप-

फोटो- 03 उपेंद्र
वार्ड नंबर 4 के सभासद उपेंद्र यादव ने बताया कि पालिका में कूड़ा गाड़ी के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन कई दिनों तक कूड़ा उठाने वाली गाड़ी वार्ड में नहीं आती हैं। जेसीबी मांगने पर मिलती नहीं, ऐसे में आखिर तेल का पैसा कहां जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।

फोटो-04 आशीष
वार्ड नंबर 17 के सभासद आशीष बुंदेला ने बताया कि जिस दिन कूड़ा गाड़ी वार्ड में नहीं आती है। उस दिन का भी तेल का पैसा निकलता है। नालों की सफाई के लिए जेसीबी मिलती नहीं, जबकि, रोजाना इसमें 25 से 30 लीटर तेल डलवाया जाता है। जेसीबी कहां चलती है, इसकी जांच हो।


वर्जन-

सफाई व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है। अगर कहीं गंदगी है या शौचालय बंद है तो जल्द ही सफाई अभियान चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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-राम अचल कुरील, ईओ, नगर पालिका
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