जिन आयकर दाताओं के पास बेनामी संपत्ति, अघोषित नगदी, ज्वेलरी अथवा प्रॉपर्टी है, वे भारत सरकार की आय घोषणा योजना 2016 के अंतर्गत अपनी अघोषित आय को 30 सितंबर तक घोषित तथा 45 प्रतिशत टैक्स जमा कर काले धन को सफेद कर सकते हैं। इस अवधि में विभाग द्वारा उनसे अघोषित आय के स्रोत के बारे में कोई पूछतांछ नहीं की
जाएगी। यह बात बुधवार को जालौन में आयोजित व्यापारियों की बैठक में आयकर अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने कही। आईडीएस (आय घोषणा योजना) 2016 के संदर्भ में प्रधान आयकर आयुक्त कानपुर के निर्देश पर आयकर अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता के मुख्य आतिथ्य व आयकर निरीक्षक हरचरण वर्मा की उपस्थित में स्थानीय व्यापारियों को जागरूक करने
के लिए नगर पालिका सभागार में बुधवार को एक बैठक आयोजित की गई। इसमें आयकर अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि आयकर दाता अपनी बेनामी संपत्ति, अघोषित नगदी, ज्वैलरी आदि को 30 सितंबर तक घोषित कर आईडीएस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में उन्हें अपनी संपूर्ण अघोषित आय का 45 प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। यदि
घोषणाकर्ता 45 प्रतिशत टैक्स एक साथ जमा नहीं कर सकता है तो वह तीन किश्तों में इसे जमा कर सकते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि घोषणाकर्ता से उसके द्वारा अघोषित आय को जुटाने के स्रोत के बारे में विभाग द्वारा कोई पूछतांछ नहीं की जाएगी। इस मौके पर सीए विनीत अग्रवाल व अभिषेक श्रीवास्तव सहित नगर के व्यापारियों में दीपक मित्तल, थोपन यादव, रामकुमार गुप्ता, पप्पू चौहान, अनिल मित्तल, विनय माहेश्वरी, अनिल गुप्ता, पंकज अग्रवाल, सुरेश राव डेंगरे आदि उपस्थित रहे।