जालौन। शादी के कार्ड बांटने जा रहे युवक की बाइक सड़क पर पड़ी गिट्टी पर फिसल गई। इससे पास में चल रहे डंपर के नीचे बाइक आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मेडिकल कॉलेज में युवक की मौत हो गई। परिजनों ने गेट के बाहर शव को रखकर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने जिस वाहन से युवक को भेजा, वह सीएचसी न ले जाकर उरई ले गया। इससे समय से उपचार न मिलने से युवक की मौत हो गई। पुलिस के समझाने के बाद करीब एक घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। इधर, पुलिस का कहना है कि युवक की मौत मौके पर ही हो गई थी, इसलिए उसे उरई मेडिकल कॉलेज भेजा था।
माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कपूरे का पुरा निवासी विनोद का पुत्र अंकित (25) रविवार को रिश्तेदार उमाशंकर के पुत्र सोबरन की शादी होने के कारण गांव के ही रणजीत (18) के साथ बाइक से भिंड जा रहा था। जैसे ही उनकी बाइक छत्रसाल स्कूल के पास पहुंची कि गिट्टी के ढेर से होकर बाइक को निकालने लगा। अचानक गिट्टी पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक फिसलकर गिर गई।
उसी समय औरैया की ओर से एक डंपर उरई की ओर जा रहा था। बाइक चला रहा अंकित फिसलकर बगल में चल रहे डंपर के नीचे आ गया। शरीर का ऊपरी हिस्सा डंपर के पहियों की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर पीछे बैठा रणजीत हादसे में बाल-बाल बच गया। चालक ने मौके से डंपर लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही दूरी पर राहगीरों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने युवक को अस्पताल भिजवाया। उरई में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल कॉलेज के बाहर कालपी रोड पर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके से गुजर रहे एक लोडर को रोका और घायल अंकित को उसी पर लादकर उरई ले गए।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस घायल को निकटतम सीएचसी ले जाने के बजाय सीधे मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां पहुंचने तक अंकित ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि अगर उसे पुलिस अपनी गाड़ी से सीएचसी ले जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया। करीब एक घंटे तक रोडवेज सहित अन्य वाहन फंसे रहे। परिजनों ने बताया कि विनोद अपने पुत्र के साथ बहनोई उमाशंकर के पास सदूपुरा गांव में रहता था।
पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के गेट को बंद करने का किया प्रयास, परिजन ने धक्का देकर खोला
युवक की मौत की जानकारी जैसे ही उसके परिजनों को लगी तो वह बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। शव देखकर परिजन भड़क गए और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे। जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों ने स्ट्रेचर को खींच लिया और उसे सड़क की ओर ले जाने लगे। पुलिस ने जब उन्हें बाहर जाता देखा तो गेट बंद करने लगे। इस पर परिजन आए और धक्का देकर गेट खोल दिया और सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करने लगे।
वर्जन
मामले की अभी जानकारी नहीं है। अगर पुलिस की ओर से घायल को ले जाने में लापरवाही हुई है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार वाजपेयी, सीओ, जालौन
फोटो - 19 मृतक अंकित की फाइल फोटो