फोटो - 08 मृतक राम महेश द्विवेदी की फाइल फोटो।
- फोटो : फिर चलेगी राहत की ट्रेन।
माधौगढ़ (उरई)। किसान ने खेत पर लगे पेड़ से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन का कहना है कि फसल बर्बाद हो जाने से बैंक का कर्ज न चुकने व आर्थिक तंगी से वह परेशान थे। इसी के चलते यह कदम उठाया है। पुलिस जांच में जुटी है।
गोहन थाना क्षेत्र के कुंडऊ गांव के राम महेश द्विवेदी (65) बृहस्पतिवार की शाम खेत पर गए थे। जब वह घर नहीं लौटे तो परिजन ने उनकी खोजबीन की। उनका शव खेत पर लगे पेड़ से फंदे पर लटका मिला। परिजन ने बताया कि उनकी चार बीघा जमीन है। बताया कि गेहूं व चना की फसल ओलावृष्टि व बारिश के कारण बर्बाद हो गई थी। उन्होंने कुछ समय पहले इंडियन बैंक गोहन से केसीसी पर किसान ने एक लाख रुपये का ऋण लिया था। उसको जमा करने की भी चिंता उन्हें सता रही थी।
भाई बृजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कई बार बैंक के कर्मचारी ऋण जमा करने के लिए घर आ चुके थे। इसी तनाव व आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। उनके दो पुत्र हैं। किसान की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। बताया कि उनके एक बेटे ने भी दस साल पहले आत्महत्या की थी। थाना प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद स्थिति साफ होगी।
वर्जन
बड़े खाता धारकों को नोटिस जारी किया जाता है। छोटे खाता धारकों को कभी परेशान नहीं किया जाता है। यहां से कभी कोई किसान के घर नहीं गया।
मिथुन राव, प्रबंधक इंडियन बैंक