उरई। बुंदेलखंड के एट-कोंच रेलखंड में 21 जून रविवार को 100 साल पुरानी ट्रेन संचालन की पारंपरिक पद्धति समाप्त हो जाएगी। इसकी जगह एक आधुनिक प्रणाली लागू होगी, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत एक ब्लॉक सेक्शन में एक समय पर केवल एक ही ट्रेन को प्रवेश मिलेगा। इससे ट्रेनों के आमने-सामने आने या मानवीय त्रुटि से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका नगण्य हो जाएगी। साथ ही, ट्रेन संचालन की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह रेलखंड देश की सबसे छोटी रेल सेवाओं में से एक है। दो वर्ष पहले एट-कोंच रेल सेवा को सरसोंकी स्टेशन तक बढ़ाया गया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा ने किया था। क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस रेल सेवा के विस्तार की मांग कर रहे हैं।