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ट्रेन खचाखच, शौचालय में भी यात्रा कर रहे मुसाफिर

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उरई। त्योहार बाद कामगार गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, गोरखपुर, हैदराबाद आदि शहरों को लौटने लगे है। गुरुवार को गोरखपुर से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, संतकबीर नगर एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, राप्तीसागर एक्सप्रेस, मुंबई से सीतापुर, मुंबई सीतापुर एक्सप्रेस, झांसी लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, झांसी कानपुर मेमू व पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की जगह भी नहीं है।
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वलसाड से कानपुर उद्योगकर्मी एक्सप्रेस में लगभग 500 से अधिक यात्री उरई स्टेशन पर उतरे। वहीं, मेमो और इंटरसिटी एक्सप्रेस में लोगों को पैर रखने को जगह नहीं मिली। यात्रियों का कहना है कि त्योहार पर रेल प्रशासन को झांसी-कानपुर के बीच मेमो ट्रेन के फेरे बढ़ा देने चाहिए। दिवाली के बाद छठ पूजा के लिए पूर्वांचल और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनें एक हफ्ते तक से फुल हैं। जिसमें स्लीपर 150 से लेकर 250 तक वेटिंग आ रही है। एसी कोच में भी 50 से 100 तक वेटिंग चल रही ह।ै ऐसे में यात्रियों को तत्काल का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन एसी में दो या तीन और स्लीपर में दो नंबर तक टिकट बन पा रहे हैं। सीबीपीएस सीपी सोनकर का कहना है कि यात्रियों को तत्काल टिकट कनफर्म मिले, इसके लिए कर्मचारियों को काम में गति बढ़ाने के लिए कहा गया है।
उरई। झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मुंबई के महाराष्ट्र और गुजरात से गोरखपुर और बिहार को जाने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल क्लास और स्लीपर कोच लगाए गए हैं लेकिन, भीड़ के आगे यह नाकाफी साबित हो रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे का कहना है कि रेल प्रशासन के निर्देश पर उरई स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों में मॉनीटरिंग बढ़ा दी गई है। परिचालन विभाग को बताया गया है कि अपने स्वविवेक से ट्रेनों का संचालन करें। अतिरिक्त कोच भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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देखते ही देखते बसों में सीटें फुल
फोटो-27-बस में चढ़ने के लिए तैयार खड़े यात्री। संवाद
उरई। भाईदूज के बाद ट्रेनों के साथ बस अड्डों पर भी भीड़ रही। लोगों को सीट पाने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। जिन यात्रियों के साथ महिलाएं व बच्चे होते हैं, उन्हें बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। क्योंकि देखते ही देखते सीटें भर जाती रहीं। छठ पूजा के लिए कानपुर लखनऊ जाने वाली बसों का गोरखपुर तक विस्तार किया गया है। एआरएम दुर्गाशंकर विश्वकर्मा का कहना है कि चालक परिचालकों से कहा गया है कि यात्रियों को सुरक्षित ले जाए। जहां के लिए सवारियां ज्यादा आएगी, वहां अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएगी।
डग्गामार वाहनों की रही चांदी
फोटो-28-प्राइवेट वाहन से यात्रा करते यात्री। संवाद
उरई। बसों के फुल हो जाने के कारण यात्रियों ने डग्गामार वाहनों का भी सहारा लिया। राठ रोड, कालपी रोड जैसे मार्गों पर डग्गामार वाहनों से यात्रियों ने यात्रा की। हालांकि डग्गामार वाहन चालकों ने भी निर्धारित से ज्यादा सवारियां बैठाई और मनमाना किराया भी वसूल किया। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों ने भी मजबूरी में मनमाना किराया दिया।
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