उरई। यातायात प्रभारी पर अधिवक्ता से अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाने के बाद सोमवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कालपी रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीओ ने सभी को समझाकर जाम खुलावाया। एक घंटे तक कालपी रोड पर यातायात प्रभावित रहा। सीओ का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
भदारी निवासी अधिवक्ता गोविंद सिंह ने बताया कि शनिवार को वह मनसा पूर्ण मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान यातायात प्रभारी वीर बहादुर सिंह ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। गोविंद सिंह का कहना है कि प्रभारी ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और धमकी भी दी। घटना से आहत होकर उन्होंने साथियों को जानकारी दी।
सोमवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्रित होकर कालपी रोड पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और अफरातफरी का माहौल बना रहा।
सूचना पर पहुंचे सीओ राजीव कुमार शर्मा ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया जा सका। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान भगवती शरण मिश्रा, पंकज खरे, हेमंत द्विवेदी, साधना त्रिपाठी, रितिक दुबे, राज प्रजापति, निर्दोष परिहार, अजहर अहमद, मुकेश विश्वकर्मा, रविकांत सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
वर्जन
मामला संज्ञान में आने के बाद मौके पर पहुंचा था। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ताओं ने जाम खोल दिया था।
राजीव कुमार शर्मा, सीओ सिटी
जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार हैं। कोई अभद्रता नहीं की है।
वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी।