मुहम्मदाबाद। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर फास्टटैग होने के बाद भी बस से दो बार रसीद काटे जाने का मामला सामने आया है। जिम्मेदार का कहना है कि यदि ऐसे किसी मामले की शिकायत आती है तो जांच कर रुपये वापस कराए जाएंगे।
23 अगस्त को उरई से बस बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से डकोर होते हुए चित्रकूट दर्शन के लिए लोगों को लेकर जा रही थी। यहां टोल पर बस में लगे फास्टटैग से पैसे न कटने के बाद नकद 1135 रुपये की रसीद काटी गई। बस मालिक चतुर सिंह राजपूत ने बताया कि वह बस डकोर टोल टैक्स से एक्सप्रेसवे पर चढ़ाई। चित्रकूट पहुंचने पर बस में लगे फास्टटैग से पैसे न काटकर नकद 1135 रुपये की रसीद काटी गई। इसके बाद वह वापस आए तो वहां पर रोक कर फिर 1135 रुपये की रसीद काट दी। इसके बाद डकोर आने पर फास्टटैग से भी पैसा कट गया। इससे वाहन चालकों में नाराजगी है।
वह बताते हैं कि उन्होंने इसकी शिकायत परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री से भी है। एक्सप्रेसवे पर दबंगई से रुपये काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा है इसके लिए बस यूनियन के लोग मिलकर शिकायत करेंगे। टोल मैनेजर प्रदीप का कहना है कि फास्टटैग न चलने पर रसीद काटी होगी। अगर दो बार कटौती हुई है और शिकायत मिलती है, तो उनका वापस करवाया जाएगा।