संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी के दादूपुर गांव में 37 साल पहले हुई थी घटना
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उरई। युवक को जबरन काम कराने के लिए ले जाकर बंधक बनाकर पीटने के 37 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला कालपी कोतवाली क्षेत्र के दादूपुर गांव से जुड़ा है। वादी प्रेमीलाल ने 19 नवंबर 1989 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि कदौरा थाना क्षेत्र के गर्रेही गांव निवासी अवधेश उसे 18 नवंबर 1989 को अपने साथ काम कराने के लिए ले गया था। आरोप है कि जब उसने काम करने से मना किया तो आरोपी ने उसे घर में बंधक बना लिया और पीटते हुए जान से मारने की धमकी दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी अवधेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह की अदालत में दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अवधेश को दोषी पाया गया। अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए 27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।