उरई। शहर में बिना ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए विकसित की जा रही तीन अवैध प्लॉटिंग को मौके पर उरई विकास प्राधिकरण (ओडीए) की टीम ने पहुंचकर ध्वस्त करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि सभी को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी यह लगातार प्लाटिंग का कारोबार कर रहे थे। ओडीए ने पटेल नगर में भी एक अवैध निर्माण को सील किया है। कार्रवाई से कारोबार करने वालों में खलबली मची हुई है।
जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष उरई विकास प्राधिकरण राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत उपविभाजन के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। सचिव परमानंद यादव के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने झांसी रोड और रामराजा पैलेस के सामने बिना ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए विकसित की जा रही तीन अवैध प्लॉटिंग को मौके पर ध्वस्त करा दिया।
सचिव के अनुसार, लगभग 2900 वर्गमीटर क्षेत्र में जलील मंसूरी व अन्य द्वारा की गई अवैध प्लॉटिंग को तोड़ा गया। इसी तरह झांसी रोड से सटे क्षेत्र में प्रेम नारायण गुप्ता व अन्य द्वारा करीब 12,510 वर्गमीटर में की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा रामकुमार राजपूत, अब्दुल जलाल, जुल्फिकार, मनोज कुमार, कृष्ण मुरारी व अन्य द्वारा लगभग 20,500 वर्गमीटर में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चला।
नया पटेल नगर में पूनम खरे द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण को सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-14 के तहत प्लॉटिंग या भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य है। बिना स्वीकृति कार्य करने पर नोटिस, सीलिंग, अभियोजन, जुर्माना व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी डीलरों से अपील की है कि ले-आउट स्वीकृत कराए बिना प्लॉटिंग न करें। साथ ही भूखंड खरीदने वालों से भी अवैध कॉलोनियों में निवेश न करने की चेतावनी दी गई है। अभियान के दौरान मुख्य लेखाधिकारी/जोनल अधिकारी, कोतवाली पुलिस व महिला पुलिस बल मौजूद रहा।
ऐसी सभी जगहों पर नजर रखी जा रही है। बिना ले आउट के किसी भी जगह पर प्लॉटिंग नहीं होनी दी जाएगी। लोगों से भी अपील है कि ऐसे लोगों से सावधान रहें।
- परमानंद यादव, सचिव, ओडीए
फोटो - 02 अवैध प्लाटिंग पर चलता बुलडोजर। संवाद
फोटो - 02 अवैध प्लाटिंग पर चलता बुलडोजर। संवाद