फोटो - 18 पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने जाते बसपाई। संवाद
उरई। लखनऊ से गांव वापस आए बसपाइयों के साथ मध्य प्रदेश के कुछ लोगों ने मारपीट करते हुए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया था। मध्य प्रदेश की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी अब गांव आकर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर सोमवार को बसपा का प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला और आरोपियों की गिरफ्तारी व पीड़ितों की सुरक्षा की मांग की।
बसपा के बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार के नेतृत्व में सोमवार को पहुंचे बसपाइयों के साथ नदीगांव थाना क्षेत्र के सर्र गांव निवासी शिवशंकर सिंह ने एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार को तहरीर दी। बताया कि 9 अक्तूबर को लखनऊ में आयोजित बसपा की रैली में वह अपने साथियों के साथ गए थे। रात में जब वह लौट रहे थे, तो वह रात में रास्ता भटक गए और लहार थाना क्षेत्र के सुंदरपुरा गांव में घुस गए। हाथों में बसपा के झंडे देख वहां मौजूद कीरत व राहुल ने अपने साथियों के साथ पीटा और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। वह किसी तरह जान बचाकर पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर कर ली है। आरोप लगाया कि आरोपी अब उन्हें गांव आकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
लालाराम अहिरवार ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पीड़ितों को सुरक्षा दिलाई जाए और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश जाटव, जिला प्रभारी शैलेंद्र शिरोमणि, पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौधरी, संजय गौतम, राजेश कुमार जाटव, ब्रजपाल सिंह गुड्डू, विनय कुमार, किशुलाल पाल, महेंद्र सोमई, सौरभ, सुरेंद्र गौतम, शीलेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे।