उरई। जिला महिला अस्पताल में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। अस्पताल का ट्रांसफार्मर 28 अगस्त को खराब हो गया था। सूचना पर बिजली विभाग के कर्मचारी जिला अस्पताल में बने फीडर में पहुंचे और बदलवाने के नाम पर ट्रांसफार्मर उठा ले गए। तबसे न तो ट्रांसफार्मर वापस किया और न ही कोई व्यवस्था की।
महिला अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह जिला अस्पताल और शहर की लाइन से सप्लाई शुरू कराई। अब हालत यह है कि बार बार ट्रिपिंग की समस्या हो जाती है। जिससे कई बार रात में ब्लैक आउट जैसी स्थिति हो जाती है। जेनरेटर जलाकर सप्लाई जारी की जाती है। इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई बार पत्र लिख चुके है लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ है।
जिला महिला अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसके लिए जिला अस्पताल में बने स्वतंत्र फीडर में महिला अस्पताल की सप्लाई के लिए दो ट्रांसफार्मर रखे गए थे। पहले एक ट्रांसफार्मर खराब हुआ तो दूसरे ट्रांसफार्मर से काम चलता रहा। 28 अगस्त को दूसरा ट्रांसफार्मर को धड़ाम हो गया।
इसके बाद महिला अस्पताल में शहर की सप्लाई वाली लाइन से कनेक्शन जोड़कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। शहर की सप्लाई अक्सर बाधित होती रहती है। इसके चलते अस्पताल की सेवाएं भी बाधित हो रही है। बिजली सप्लाई प्रभावित होने से नवजात शिशुओं के लिए बनी एसएनसीयू यूनिट व ओटी भी प्रभावित हो जाती है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात के वक्त होती है। अस्पताल में जो जेनरेटर लगा है, वह पूरा हो चुका है। उसे भी हीट होने पर बीच बीच में बंद करना पड़ता है, इससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित होती है।
सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. सुनीता बनौधा अस्पताल का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण समस्या आ रही है। कई बार बिजली अधिकारियों और अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ है। इसके अलावा अस्पताल का बिजली लोड बढ़ाने के लिए भी पत्र लिखा है लेकिन अब तक काम नहीं हो पाया है।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि महिला अस्पताल की बिजली समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने इस बारे में बिजली अधिकारियों से भी वार्ता की है। बिजली समस्या गंभीर है। इस मामले को लेकर वह ऊर्जा मंत्री से भी बात करेंगे।
एसडीओ बिजली ऋषभ राजपूत ने कहा कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में जो ट्रांसफार्मर लगने है, वह अलग कैटेगरी के होते है। उनका प्वाइंट फोर होता है। वह आगरा से आते हैं। इसके लिए एक्सईएन के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि इस महीने समस्या दूर हो जाएगी।