उरई। डीवीसी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग में वनस्पति विज्ञान में कॅरिअर निर्माण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्रायोगिक परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रूप में पधारे वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. यूएन सिंह ने बताया विद्यार्थियों के लिए शिक्षण, शोध एवं रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, आईसीएआर, सीएसआईआर, आईसीएमआर, बीएसआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने पादप शरीर क्रिया विज्ञान, आनुवंशिकी, जैव प्रौद्योगिकी, पादप रोग विज्ञान, एवं नृवंश वनस्पति विज्ञान जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि कृषि एवं उद्यानिकी में फसल सुधार, बीज प्रौद्योगिकी, जैविक खेती और बागवानी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर हैं। साथ ही औषधीय पौधों, हर्बल उद्योग, मशरूम उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जैव ईंधन आदि में वनस्पति विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
विभाग प्रभारी, डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि वनस्पति विज्ञान जीवन, पर्यावरण और सतत विकास से जुड़ा एक विषय है, जो शिक्षा, शोध और रोजगार के अनेक अवसर प्रदान करता है। संचालन डॉ. नीति कुशवाहा ने किया।