उरई। किशोर की हत्या करने के बाद 30 लाख की फिरौती मांगने के आरोपी युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने आरोपी को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथी ने आत्मसर्पण कर दिया है। पिता ने आरोपियों के खिलाफ हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोर के भाई के साथ उसके दोस्तों रोहित याज्ञनिक और तेज प्रताप सिंह ने अनैतिक कार्य किया था। इसका वीडियो किशोर ने देख लिया था। इसके बाद से वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहा था। 25 मार्च को किशोर, रोहित व तेज से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। आरोपियों ने उसके साथ शराब पी। इसके बाद उसे अगवा कर सिर में शराब की बोतल मारकर हत्या कर दी। इसके बाद रोहित के बाड़े में पड़ी मिट्टी में उसका शव बोरी में भरकर दफन कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उसकी मां के मोबाइल पर 30 लाख की फिरौती मांगी। न देने पर छोटे भाई की भी हत्या करने की धमकी दी। इसके बाद किशोर के पिता ने माधौगढ़ कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोर का फोन सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि गांव के ही रोहित व तेज प्रताप से उसकी बात हुई है। मंगलवार को दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई । रोहित ने बताया कि किशोर की हत्या कर उसका शव घर के पास पशु बाड़े में बोरी में भर कर जमीन में गाड़ा है। पुलिस ने मिट्टी के ढेर में दबी बोरी से किशोर का शव बरामद कर लिया जो कंकाल में तब्दील हो गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि हत्या के कुछ दिन बाद उन्होंने बोतल व अन्य सामान एक जगह छिपा दिए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे पुलिस उन्हें कोतवाली क्षेत्र के पास स्थित नहर किनारे ले जा रही थी। इसमें उस सामान के साथ आरोपियों ने एक तमंचा भी छिपा दिया था। मौका पाकर आरोपी रोहित ने तमंचा निकाल लिया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और अपने साथी के साथ भागने लगा। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग में रोहित को बाएं पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसके साथी तेज प्रताप सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने रोहित को जिला अस्पताल भिजवाया है।
एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी को गोली मारकर गिरफ्तार किया गया है। मामले में अन्य जांच भी की जा रही हैं।
हत्या के बाद भी घर आते-जाते रहे आरोपी, परिजनों के साथ करते रहे तलाश का नाटक
माधौगढ़। किशोर की हत्या के मामले में आरोपियों की हैरान कर देने वाली चालाकी सामने आई है। हत्या करने के बाद भी आरोपी बेखौफ होकर किशोर के घर आते-जाते रहे और परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश का नाटक करते रहे।
परिजनों के अनुसार किशोर के दोस्त रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप सिंह का घर में लगातार आना-जाना था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने पहले किशोर की हत्या की और फिर शक से बचने के लिए खुद ही परिवार के बीच सक्रिय बने रहे। बताया गया कि 25 मार्च की रात किशोर को अपने साथ ले जाकर आरोपियों ने शराब पीने के दौरान उसके सिर पर बोतल से कई वार कर हत्या कर दी। इसके बाद मृतक के मोबाइल से उसकी मां को 30 लाख रुपये की फिरौती का संदेश भेजकर घटना को अपहरण का रूप देने की कोशिश की गई।
हैरानी की बात यह रही कि हत्या के बाद आरोपी लगातार परिजनों के साथ ही बेटे की खोजबीन में जुटे रहे। एक आरोपी तो पिता के साथ कोतवाली तक गया और पुलिस से बेटे को ढूंढने की गुहार लगाता रहा, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इस दौरान आरोपी शव को ठिकाने लगाने की फिराक में भी थे, लेकिन परिजनों की सतर्कता के चलते वे अपनी साजिश में सफल नहीं हो सके। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
मोबाइल कर दिया था गायब, लोकेशन बताता था इटावा
माधौगढ़। किशोर का आए दिन दोनों दोस्तों के साथ रहना,घूमना था। किशोर नाराज होकर दो बार नाना के घर भाग जाता था पर दो-तीन बाद घर लौट आता था। 25 मार्च को रात 8 बजे मोबाइल से बात हुई कि घर आ रहे हैं। दूसरे दिन ताऊ की बीमारी के चलते मौत हो गई। सभी लोग इसी में व्यस्त हो गए। किशोर के मोबाइल से हत्यारों ने मां के मोबाइल पर 30 लाख का मैसेज भेजा। मैसेज देखने के बाद पुत्र की हत्या होने का शक हुआ। पिता का कहना है कि 1076 में शिकायत के बाद ही मामले का खुलासा हो सका। पिता का आरोप है कि हत्या की जगह शराब की बोतलें, बीड़ी,माचिस,मौके से मिलना दो से अधिक लोगों का होना है। (संवाद)
फोटो - 44 आरोपी रोहित। पुलिस