उरई (जालौन)। एआरटीओ कार्यालय से वाहन की एनओसी न मिलने से परेशान युवक ने कार्यालय परिसर में आरटीओ झांसी के सामने हाथ की नस काट ली। कर्मचारियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। युवक का आरोप है कि काम के एवज में उससे पैसे की मांग की जा रही है। वहीं आरटीओ ने लगे आरोप बेबुनियाद बताए हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी मनीष (28) ने बताया कि एक माह से अधिक समय से उसको अपनी गाड़ी की एनओसी के लिए परेशान किया जा रहा है। जब भी वह आता है कार्यालय में तैनात बाबू उसे भगा देते हैं। आरोप है कि उससे काम के एवज में पैसे की मांग की जा रही है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। मंगलवार को वह काम कराने गया था आरटीओ झांसी प्रभात पांडे भी मौजूद थे। उसने समस्या भी बताई लेकिन किसी ने उसका काम नहीं किया। आहत होकर उसने यह कदम उठाया। इधर देर शाम डाॅक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी है।
इस मामले में आरटीओ झांसी प्रभात पांडे का कहना है कि युवक की फाइल अभी तीन दिन पहले ही आई थी, काम होने में समय लगता है। युवक ने रुपये लेने के जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं।
एआरटीओ कार्यालय इस घटना से पहले भी विवादों में रहा है। इसको लेकर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने एडीएम नमामि गंगे को जांच करने का आदेश दिया था। इसके अलावा एडीएम नमामि गंगे और जिलाधिकारी स्वयं एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर चुकीं हैं।