बुधवार को सूखे की हकीकत को जानने के लिए आई केेंद्रीय टीम ने जिले के अधिकारियों के साथ कदौरा और डकोर ब्लाक क्षेत्र के पांच गांवों का घूम-घूमकर भ्रमण किया। इस दौरान किसानों से बातचीत की और उनसे खेतों के हालातों का जायजा लिया।
तत्पश्चात गांव में चौपाल लगाई गई, इसमें किसानों ने सिंचाई के संसाधनों की कमी को बताया। कहा कि यहां का किसान आर्थिक रूप से टूट चुका है।
केंद्रीय टीम ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी बात केंद्र सरकार तक जरूर पहुंचाई जाएगी। किसान नेताओं ने ज्ञापन सौंपकर बीमा प्रीमियम की धनराशि को दैवी आपदा के दौरान सरकार से जमा कराया जाए।
भारत सरकार कृषि मंत्रालय के अपर सचिव राघवेंद्र सिंह व कृषि सांख्यकी निदेशक विनोद कुमार सिंह की टीम ने डीएम रामगणेश के अलावा अन्य अफसरों के साथ जनपद के ब्लाक कदौरा क्षेत्र के ग्राम जयरामपुर में अपराहन 12 बजे पहुंचकर सूखा का जायजा लिया।
परिषदीय विद्यालय परिसर में दिनेश कुमार, भगवान दीन, गणेश, प्रेमा आदि ने अपनी ज्वार की सूखी फसल अफसरों को दिखाई।
किसानों ने कहा कि वह छह-छह बीघा में ज्वार की फसल किए थे। बरसात न होने से फसल सूख गई, तिल का उत्पादन भी कम हुआ। खाद, बीज का पैसा तक वापस नहीं लौटा है। किसानों से बातचीत करने के बाद टीम ने खेतों की हकीकत देखी।
चौपाल में शिवबालक सिंह, शौकत मास्टर, रामरतन, प्रधान शशिकांत द्विवेदी, भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलरकाम सिंह लंबरदार अपनी समस्याएं केंद्रीय टीम के सामने रखीं।
इस दौरान डीएम रामगणेश, एडीएम आनंद कुमार, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक, एसडीएम गोरेलाल शुक्ला, एसडीएम डा. एवी सिंह, जिला कृषि अधिकारी चौधरी अरुण कुमार के अलावा तहसीलदार भूपाल सिंह आदि साथ में रहे।
शासन को सौंपेगे रिपोर्ट- केंद्रीय टीम के राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सूखा की रिपोर्ट गोपनीय है, इसे सरकार को सौंपा जाएगा। यहां किसान परेशान रबी की फसल बुवाई पिछड़ रही है। समय से पानी न मिलने की समस्या सामने आई है।
वह इशारों में ही सही लेकिन किसानों के हालातों को अच्छा नहीं बता गए। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि सिंचाई के संसाधन बढ़ाने की मांग सबसे अधिक की गई है।
डीएम ने मांगे जनपद के लिए 50 राजकीय नलकूप- उरई। केंद्रीय टीम के सामने किसानों ने ही नहीं जनपद के जिलाधिकारी रामगणेश ने भी सिंचाई के संसाधनों को बढ़ाए जाने की आवश्यकता बताई है।
डीएम ने कहा कि 50 राजकीय नलकूप शासन से मिल जाए तो यहां के किसानों की समस्या बहुत हद तक निस्तारित की जा सकती है। डीएम की मांग पर केंद्रीय टीम के मुखिया अपर सचिव राघवेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को शासन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।