उरई। प्रांतीय खंड के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का प्रयोग कराकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया। जब शासन की ओर से आई टीम ने जिले की छह सड़कों के नमूने लिए और उन्हें लैब भेजा तो घपलेबाजी का पता चला। अब इन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। जिले में छह सड़कों के नमूने टीम ने लिए थे।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने जिले में कई सड़कों का निर्माण कराया है। इन सड़कों में घटिया सामग्री का भी प्रयोग किया गया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब शासन से जिले में लोक निर्माण विभाग के कराए गए कार्यों की जांच के लिए एसएलसी टीम आई।
टीम के मुख्य प्रभारी मुख्य अभियंता कानपुर ने 10 नवंबर को जिले में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण भेपता संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया था। जिसमें लंबाई की 3.850 किलोमीटर व स्वीकृत लागत 37 लाख थी। वहीं, दूसरा मार्ग परेछा संपर्क मार्ग जिसकी स्वीकृत लंबाई 3.350 किलोमीटर जिसकी लागत 32 लाख है। टीम में आए सहायक अभियंता ने दोनों मार्गों की लंबाई नापने पर 0.850 किलोमीटर से .900 किलोमीटर कम लंबाई पाई गई। साथ ही एट भीखेपुर मार्ग से लिए गए नमूने भी जांच में फेल हो गए हैं। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
अब इन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी कोई पत्र नहीं मिला है।