तीन सप्ताह से बिजली न आने से नाराज किसान दूसरे दिन बुधवार को भी पावर
हाउस पर धरने पर बैठे रहे। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सब
स्टेशन में फुंकी मशीनों को बदलने के काम तेज हो गया है। मशीनों को
बदलवाने में किसानों ने भी सहयोग किया। देर रात तक बिजली आपूर्ति चालू होने
की संभावना है। उधर, किसान बिजली आपूर्ति शुरू न होने तक धरने पर बैठे
रहने की जिद पर अड़े हैं। 20 दिन पहले पावर हाउस में लगी आग में मशीनें
जल
गई थीं। तबसे अब तक नूरपुर फीडर की मशीनें नहीं बदल पाई हैं। इससे फीडर
की सप्लाई ठप है। कई बार ग्रामीण अधिकारियों से गुहार भी लगा चुके हैं
लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बिजली न आने से क्षेत्र के लोग सिंचाई भी नहीं कर
पा रहे हैं। इससे आक्रोशित अटरिया, सिहारी दाउदपुर, औंता व ककहरा गांव के
आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर कालपी
रोड स्थित सब स्टेशन का घेराव
कर बिजली विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर की बिजली बंद
करा दी थी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शहर की बिजली तो चालू हो गई थी,
लेकिन किसान सब स्टेशन पर ही धरने पर बैठ गए थे। बुधवार को दूसरे दिन भी
धरना जारी रहा। इसके चलते विभाग हरकत में आ गया है। अधीक्षण अभियंता
एसएस
प्रसाद बुधवार को मौके पर पहुंचे और अपनी मौजूदगी में नई मशीनें लगवाईं।
विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी न होने से इस काम में व्यवधान हो रहा था।
किसानों की मदद से ही मशीनों को बदला जा सका। देर रात तक बिजली आपूर्ति
शुरू होने की संभावना है। पर किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। इनका कहना है
कि बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद ही वह धरने से उठेंगे। दूसरे दिन धरने
में शामिल किसानों में देवीशरण, विजयपाल सिंह चौहान, आरएन सिंह, अजीत सिंह,
अल्लू, मानवेंद्र सिंह, विवेक सिंह, मन्नू राजा, रिंकू चौहान, मनमोहन
सिंह, चंद्रभान सिंह आदि रहे।
कांग्रेसियों ने भी दिया ज्ञापन
तीन
सप्ताह से नूरपुर फीडर बंद होने से परेशान किसानों के आंदोलन में साथ देने
के लिए कांग्रेस भी कूद पड़ी है। बुधवार को कांग्रेसियों ने राज्यपाल को
संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें कहा गया है कि प्रशासन की
उदासीनता
के चलते किसान पलेवा तक नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेसियों ने मांग
की है कि नूरपुर फीडर को जल्द चालू कराया जाए। ज्ञापन देने वालों में
जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर, रेहान सिद्दीकी, आरडी पाल, गुलाब खां,
रामेश्वर दयाल दीक्षित, मोहित शर्मा, आदित्य कुमार मिश्रा, छाया पालीवाल,
श्याम बाबू उपाध्याय आदि रहे।