जालौन में निकलता ग्यारहवीं शरीफ का जुलूस।
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अहले सुन्नत व जमाअत के लोगों ने मंगलवार को हुजूर गौस पाक (रजि) की बारगाह-ए-अकदस में खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की। सुबह से ही कुरान ख्वानी और फतेहा ख्वानी का दौर शुरू हुआ। विभिन्न जगहों पर जिक्र-ए-गौस-ए-आजम की महफिल भी सजी। इस दौरान अकीदतमंदों द्वारा जुलूस भी निकाला गया। जुलूस के दौरान हाफिज सईद नाजा व आमिर
अख्तरी ने संयुक्त रूप से जुलूस को संबोधित किया। कहा कि गौस-ए-आजम पैगंबरे इस्लाम के शहजादों में से हैं। अल्लाह के वली गौस-ए-आजम हसनी और हुसैनी सैयद हैं। अल्लाह ने आपको गौसियत और कुतबियत (वलियों के सरदार) का मुकाम दिया है। इसे इमाम मेंहदी के आगमन तक बरकरार रखेगा। आपकी महान करामात है कि खुद ही शरीअत-ए-इस्लामिया
पर चलते रहे और दूसरों को भी चलने का पैगाम दिया। जुलूस का आगाज मोहल्ला चिमनदुबे से तकिया मैदान नारोभास्कर, बाजार बैठगंज होते हुए पुन: तकिया मैदान पर जाकर समाप्त हुआ। इस मौके पर हाफिज शाकिर, हाफिज सादिक बाबा, जर्रार कादरी, जाकिर सिद्दीकी, अबरार कादरी, इकलाख बाबा, हमजा, फाज आलम, सोएब अहमद, दिलावर आदि मौजूद रहे।