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Jalaun News: आवास की बात बेइमानी... दूसरी किस्त के बाद भी नहीं पड़ पाई छत

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कदौरा। दैवी आपदा से पीड़ित, कुष्ठ रोगियों व दिव्यांगों के लिए पक्के आवास देने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की हालत ठीक नहीं है।
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योजना वर्ष 2019 से संचालित की जा रही है। ब्लॉक क्षेत्र में इस वित्तीय वर्ष में 156 आवास स्वीकृत हुए है, लेकिन अभी भी पात्र पक्की छत की तलाश में जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। हालात ऐसे है कि ग्रामीण अधूरे आवासों में रहने को मजबूर हैं।
इस योजना की शुरुआत से अभी तक 327 आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास के लिए सरकार एक लाख 20 हजार रूपये तीन किस्तों में देती है। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी किस्त 70 हजार व तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये लाभार्थी को मिलता है।
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ब्लॉक क्षेत्र के बड़ागांव की वृद्धा जमुनी देवी चार नातियों सहित कच्चे मकान में रहती है, आश्वासन तो खूब मिला लेकिन आवास योजना का लाभ नहीं मिला। वहीं, गांव के ही आशाराम निषाद और रामकरण निषाद बताते है कि आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन क्या हुआ, पता नहीं चल सका और अधिकारी भी नहीं बताते हैं। इस बार की ठंड भी आवास के इंतजार में कटेगी।

बीडीओ मानू लाल यादव ने कहा कि लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास की दूसरी किस्त भेजी जा चुकी है। जिन्होंने छत नहीं डलवाई है, सचिव और सेक्टर प्रभारी को भेजकर कार्य पूरा कराया जाएगा। लगातार बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।



उरई। डिप्टी कलेक्टर व परियोजना अधिकारी जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) केके सिंह ने बताया कि पीएम आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अवशेष अनारंभ आवासों को प्रारंभ कराकर भूमि पूजन के संबंध में आठ से 10 दिसंबर तक अभियान के रूप में नगर निकाय के स्तर पर जनप्रतिनिधियों, निकाय अध्यक्ष व सभासदों की मौजूदगी में वृहद स्तर पर भूमिपूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना में जिले की सभी निकायों में 22,094 आवास स्वीकृत हुए थे। जिसके सापेक्ष 21,045 लाभार्थियों को प्रथम किस्त, 19,434 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त एवं 12,671 लाभार्थियों को तृतीय किस्त अवमुक्त की जा चुकी है। अभी तक लाभार्थियों के द्वारा 13,072 आवास पूर्ण हो चुके हैं। (संवाद)
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