डेढ़ महीने से रेल लाइन के लिए आंदोलित लोग 30 अप्रैल से तहसील गेट के सामने रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन शुरू करेंगे। अनशन तब तक चलेगा जब तक कि नगर को रेलवे लाइन से जोड़े जाने का ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता। यह बात तहसील परिसर में ज्ञापन देने पहुंचे रेल आंदोलनकारियों ने एसडीएम के समक्ष कही।
पिछले 50 दिनों से अनवरत क्रमिक अनशन चल रहा है। इस आंदोलन की सुध अभी तक रेल अधिकारियों, शासन, प्रशासन अथवा केंद्र सरकार ने नहीं ली। इस अनदेखी से नगर व क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। अब आंदोलनकारी 30 अप्रैल से आमरण अनशन करने जा रहे हैं। इस संबंध में मंगलवार को सैकड़ों आंदोलनकारी जुलूस की शक्ल में इंकलाब जिंदाबाद के नारे
लगाते हुए तहसील परिसर पहुंचे। यहां लगभग आधा घंटे तक एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी की। इसके बाद कार्यालय से बाहर आए एसडीएम एसपी अग्रवाल को प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। कहा कि यदि चार दिनों में कोई सक्षम अधिकारी रेल आंदोलनकारियों को नगर को रेलवे लाइन से जोड़े जाने का ठोस आश्वासन देता है, तो ठीक है अन्यथा
30 अप्रैल से नगर व क्षेत्र की जनता आमरण अनशन करेगी। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद श्रीराम पाल, गौरीश द्विवेदी, चंद्रप्रकाश यादव उर्फ थोपन, जर्रार कादरी, बारे कक्का, सुशील कुशवाहा, रामदास यादव, आशीष सोनी, प्रद्युम्न दीक्षित, मोंटी मिश्रा, जाफर सिद्दीकी, जहांगीर आलम, प्रतीक चंसौलिया आदि सहित लगभग दो सैंकड़ा से अधिक आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
जारी रहा क्रमिक अनशन
रेल लाओ आंदोलन के तहत 50वें दिन भी अनशन जारी रहा। इस दौरान 20 लोगों जर्रार कादरी, बब्लू भाई, लल्ला भाई, इकलाख, मोहम्मद आलम, विनोद कुमार, अपना सानू, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद आरिफ, रज्जन भाई, शानू कुरैशी, सत्या ठाकुर, राहुल राठौर, मोनू सेंगर, दिलशाद अली, सलीम खां, राजकुमार साहू, विवेक सक्सेना, रिजवान मंसूरी,
इमरान खान को समाजसेवी वसीउर्रहमान सिद्दीकी ने माल्यार्पण कर अनशन पर बैठाया। इसके पूर्व 49वें दिन के अनशनकारियों को मास्टर सुशील कुशवाहा ने जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया।