ग्राम पंचायत चुनाव में पहले चरण का चुनावी शोर गुरुवार की शाम को थम गया।
अंतिम दिन प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। गांव गलियों में
अपनी ताकत का एहसास और अपने पक्ष में चुनावी हवा बनाने के लिए प्रत्याशी
समर्थकों की भीड़ लेकर निकले और पैर छू कर लोगों से अपने पक्ष में मतदान
करने की अपील की। सुबह के समय समर्थकों को नाश्ता तो
शाम को खानापीना मिला।
गांव में शादी समारोह जैसा माहौल रहा। माधौगढ़, रामपुरा व कुठौंद ब्लाक
क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के लिए 28 नवंबर को मतदान होगा। प्रधान बनने
के लिए प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते
हैं। प्रचार के अंतिम दिन भी तीनों क्षेत्रों के 1482 प्रत्याशियों ने पूरी
ताकत झोंक दी। आलम यह था कि कहीं पर डीजे की तेज
ध्वनि में गांव के विकास
कराने के दावे गूंज रहे थे तो वहीं पर कीर्तन की धुन पर मतदाताओं को रिझाने
का काम किया गया। गांव की गलियों में प्रत्याशी अपने को दूसरों से मजबूत
दिखाने के लिए भीड़ के साथ निकले और फिर घर-घर जाकर वोट मांगे। मतदाताओं के
पैर छूने में भी कोई पीछे नहीं रहा। हालत यह थी कि बच्चों के भी पैर छुआई
हो रही थी। सुबह से ही
रसोई तैयार हो गई थी। सुबह के नास्ता के साथ दोपहर
में भोजन और फिर शाम को समर्थकों की रुचि के हिसाब से खानपान की व्यवस्था
गांव-गांव रही। गुरूवार की शाम को पहले चरण का चुनावी शोर थम गया है। अब
प्रत्याशी मतदान के लिए बूथ वार तैयारियों में जुट गए है।
गलियों में लग रही चौपालें
प्रथम चरण के लिए चुनावी शोर गुरुवार की शाम को थम गया लेकिन देर रात्रि
तक एक दूसरे के समर्थन के लिए प्रत्याशियों के बीच चौपालें लगी रही।
प्रत्याशियों के आका अब दूसरों का समर्थन जुटाने के लिए जुटे हुए है। माना
जा रहा है कि 27 नवंबर को भी गांव में बंद कमरों में बैठके होंगी।