उरई। उमरारखेरा निवासी दिव्यांग दंपती की गुहार सुनकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय खुद उनके घर पहुंचे और परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चिंता मत कीजिए, सरकार आपके साथ खड़ी है।
जनसुनवाई के दौरान दृष्टिबाधित अरुण (36) और उनकी पत्नी गोल्डी (35) ने बताया कि वे दोनों देख नहीं सकते, वृद्ध माता-पिता भी उनके सहारे हैं और घर में कोई आय का साधन नहीं है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई ठप है और स्कूल की फीस भी नहीं दे पा रहे। जिलाधिकारी ने तुरंत बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि बच्चों की पढ़ाई आरटीई के तहत कराई जाए। शासन की योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किया जाए। जिला पूर्ति अधिकारी को परिवार को नियमित अनाज की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
गुरुवार को डीएम स्वयं पीडि़त परिवार के घर पहुंचे और कहा कि बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। साथ ही नगर पालिका उरई के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि परिवार को रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें और अच्छे से जिंदगी जी सकें। (संवाद)