शहर के रमेड़ी मोहल्ला में खराब पड़ा हैंडपंप।
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हमीरपुर। जनपद के सातों ब्लॉकों में कुल 20,685 हैंडपंप स्थापित हैं। मौजूदा समय में 20,524 हैंडपंप चालू हालत में होने का दावा है।
गतवर्ष पंचायती राज ने 255 हैंडपंपों का रिबोर कराया, इनमें करीब 1.53 करोड़ के बजट खर्च किया गया। एक सरकारी हैंडपंप के रिबोर में ग्राम पंचायतें व नगर निकाय 55-60 हजार रुपये खर्च करती हैं। जबकि यही हैंडपंप प्राइवेट तौर से कराने पर 40-45 हजार रुपये का खर्च आता है।
जनपद के सातों ब्लॉकों की 330 ग्राम पंचायतों में गतवर्ष 255 हैंडपंपों का रिबोर कराया गया था। इनमें पंचायती राज विभाग का करीब 1.53 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक हैंडपंप के रिबोर में ग्राम पंचायतें व नगर निकाय टाइड फंड का बजट खर्च करती हैं।
200 फीट गहरे प्रत्येक रिबोर में करीब 55-60 हजार रुपये खर्च होते हैं और अगर सबमर्सिबल डलवाते हैं तो यही खर्च बढ़कर 70 हजार रुपये पहुंच जाता है। जबकि यही हैंडपंप प्राइवेट तौर से कराने पर 40-45 हजार रुपये खर्च होते हैं और सबमर्सिबल डलवाने पर 55 हजार रुपये खर्च आता है। देखा जाए तो 255 हैंडपंपों के रिबोर में करीब 38 लाख से अधिक का बजट खर्च किया गया है।
230 फीट गहरे हैंडपंप में 55 हजार आया खर्च : शहर के मेरापुर निवासी रामकरन बताते हैं कि अभी हाल ही में अपने घर पर 230 फीट में हैंडपंप लगवाया है। सबमर्सिबल सहित कुल 55 हजार रुपये खर्च आया है। सारा सामान घाटमपुर से खरीद कर लाए हैं।
60 रुपये फीट लेते खुदाई : हैंडपंप लगाने वाले मिस्त्री सबल ने बताया कि 60 रुपये फीट की दर से चार्ज पड़ता है। पाइप, ग्रेविल सहित करीब 45 हजार में बोर कंपलीट करके दे देंगे।