सिरसाकलार। करीब 25 वर्ष से भी ज्यादा पुरानी हो चुकीं पेयजल लाइनों की वजह से क्षेत्र की करीब आठ हजार की आबादी पेयजल की समस्या से जूझ रही है।
उनके घरों में लगी टंकियों में मटमैला पानी आ रहा है। यह पीने योग्य नहीं है। इस वजह से बाहर से पानी लेने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
सिरसाकलार में आंबेडकर मोहल्ला, मिश्रा मोहल्ला, लहार रोड, यादव मोहल्ला, सरकारी अस्पताल के निकट बस्ती, नई बस्ती, संकट मोचन मोहल्ला व सहकारी बैंक मोहल्ला आदि में करीब एक हजार से ज्यादा घर हैं। आबादी सात से आठ हजार बताई जाती है। जलसंस्थान के भी करीब एक हजार पेयजल कनेक्शन हैं, लेकिन यहां करीब तीन दशक से पेयजल लाइनों को बदला नहीं गया है। पुरानी और कमजोर हो चुकीं पेयजल लाइनें अक्सर टूटती हैं, चोक होने की वजह से संकट बढ़ जाता है।
लहार रोड पर टूटी पेयजल लाइन को ठीक करने के बाद भी कई घरों में पानी रुक-रुक कर पहुंच रहा, जहां पानी आ भी रहा है वहां इतना मटमैला है जो पीया नहीं जा सकता। यहां के रहने वाले राम कुमार मिश्रा और जितेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि पाइपलाइन बदलने के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पानी साफ न आने से दूर इलाकों से भरकर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जेई आलोक कुमार ने बताया कि लाइन ठीक कराई जा रही है। नमामि गंगे के तहत लाइनों को बदला जाएगा।