रैन बसेरा न खुलने से खुले में ठिठुरते गरीब, बेसहारा।
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तीन दिनों से निकल रही तेज धूप शीत लहर के आगे बेअसर साबित हो रही है। शीत लहर ने लोगों के हाड़ कंपा दिए हैं। बावजूद इसके रैन बसेरा न खुलने से गरीब, बेसहारों का हाल बेहाल है। रविवार को भी तेज धूप निकलने के बाद भी शीत लहर का प्रकोप रहा। अस्थायी रैन बसेरा न खुलने से गरीब, बेसहारा कांपते रहे। रेलवे स्टेशन पर भी शीत लहर के चलते ट्रेनें घंटों लेट
रहीं। इससे यात्री परेशान रहे। मालूम हो कि इन दिनों शीतलहर का प्रकोप जारी है। दो, तीन दिनों से लगातार तेज धूप निकल रही है। बावजूद इसके सर्दी का एहसास कम नहीं हो रहा है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में अभी तक अस्थायी रैन बसेरा नहीं खोले गए हैं। इससे गरीब, बेसहारा बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशन के आसपास सर्दी में ठिठुरते दिखाई देे रहे हैं। रविवार को सुबह
के वक्त ठंडी हवाएं चली और हल्का कोहरा भी रहा, लेकिन दोपहर में धूप निकली तो लोगों ने छतों पर पहुंचकर राहत महसूस, लेकिन शीतलहर के साथ चल रही बफीर्ली हवाओं से लोगों का हाल बेहाल रहा। घरों व चौराहों के आसपास अलाव जलाकर सर्दी से निजात दिलाने का प्रयास किया। शाम को सूरज ढलते ही बफीर्ली हवाएं और तेजी से चलीं और लोग जल्दी घर पहुंचे।
मौसम वैज्ञानिक पुरुषोत्तम दास कहते हैं कि शीतलहर का प्रकोप अभी जारी रहेगा। एक, दो दिन में घना कोहरा भी पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। 16 व 17 जनवरी को बारिश की
भी संभावना है। शीतलहर के साथ सुबह व शाम को पड़ रही सर्दी के चलते शहर के गर्म कपड़ों के बाजारों में भी भीड़ हो रही है। शहर के घंटाघर, शहीद भगत सिंह, बजरिया, अंबेडकर चौराहा इत्यादि बाजारों में रविवार को ग्राहकों की भीड़ रही। खरीदारों ने स्वेटर, जैकेट, मफलर खरीदे तो वहीं, रजाई, गद्दों की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली।