उरई। निलंबित प्रधानाध्यापक का वेतन मनमाने तरीके से निकालने और कटौती करने की शिकायत सही पाए जाने पर जालौन में तैनात कनिष्ठ सहायक को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। मामले की जांच बीईओ नदीगांव को सौंपी गई है। निलंबन अवधि में लिपिक को बीआरसी महेबा में संबद्ध किया गया है।
जालौन ब्लॉक के कन्या प्राथमिक विद्यालय औरैखी में तैनात प्रधानाध्यापक शिवशक्ति सिंह को 12 दिसंबर 2024 को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद नगर शिक्षा अधिकारी जालौन के कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक राहुल शर्मा ने साठगांठ कर प्रधानाध्यापक का दिसंबर 2024, जनवरी व फरवरी 2025 का वेतन निकाल दिया। यही नहीं वेतन कटौती करने के आदेश के बावजूद लिपिक ने बिना कटौती मार्च और अप्रैल माह का वेतन निकाल दिया।
इस मामले की शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने डीएम से की थी। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने सीडीओ, नगर मजिस्ट्रेट, डीआईओएस, बीएसए, समाज कल्याण अधिकारी को मामले की जांच सौंपी। सभी अधिकारियों ने जांच की। बीईओ जालौन से भी कराई गई जांच में शिकायतों की पुष्टि हुई। बीएसए चंद्रप्रकाश ने बताया कि शिकायतों की पुष्टि होने पर जालौन ब्लॉक के कनिष्ठ लिपिक राहुल शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
लेखा बाबू पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
बीएसए ने वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा को भी पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि निलंबित प्रधानाध्यापक शिवशक्ति सिंह के वेतन का बिना कटौती भुगतान में उनके अधीन तैनात लेखा बाबू की भी संलिप्तता जाहिर होती है। लिहाजा लेखा बाबू के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराया जाए ताकि पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा सके।