कोंच। कोतवाली क्षेत्र के भदेवरा गांव में सिलबट्टे से सिर कूंचकर वृद्धा की हत्या के मामले में रविवार को पुलिस ने फरार प्रेमी को सूरज ज्ञान महाविद्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया। मामले में वृद्धा की पौत्री भी आरोपी है, उसे पुलिस ने जेल भेज दिया है।
की पोती ने प्रेमी के साथ मिलकर सिलबट्टे से सिर कूचकर हत्या कर दी थी। शनिवार को पुलिस ने पोती को गिरफ्तार कर उसे न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। जबकि उसका प्रेमी फरार चल रहा था। रविवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के भदेवरा गांव निवासी परमादेवी (73) की घर के आंगन में सिलबट्टे से सिर व चेहरा कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पूछताछ में उसकी पोती पल्लवी ने स्वीकार किया था कि उसने अपने प्रेमी रेढ़र थाना क्षेत्र के तोरना गांव निवासी दीपक के साथ गुरुवार की रात देख लेने पर दादी की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने 13 सितंबर को घटना का खुलासा कर आरोपी पल्लवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से प्रेमी फरार हो गया था। रविवार को कोतवाली पुलिस ने जालौन रोड स्थित सूरज ज्ञान महाविद्यालय के पास से प्रेमी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने उसके वारदात के समय पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने दीपक को जेल भेज दिया है।
आठ अगस्त को भी मिलने आया था दीपक
प्रेमिका पल्लवी व प्रेमी दीपक की महज छह माह पहले से ही इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी। दीपक लखनऊ में रह कर पढ़ाई कर रहा है। वह अपनी प्रेमिका पल्लवी से मिलने इससे पहले 8 अगस्त को भी आया था। जब वह अपने बड़े जीजा के साथ छोटे जीजा के यहां आया था। उस दिन पल्लवी की मां और बड़ा भाई किसी रिश्तेदारी में गए थे।
दादी के दुलार पर भारी पड़ा प्रेमी का प्यार
उरई। जिस पौत्री को पालने पोसने के लिए दादी परमा देवी ने दिन-रात एक कर दिया। उसने ही प्रेमी के साथ मिलकर दादी की बेरहमी से हत्या कर दी। ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता था। परिजनों ने बताया कि आरोपी की मां अपने दोनों बेटों के साथ बाहर रहती है। आरोपी युवती एक नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम तृतीय वर्ष की छात्रा है। पढ़ाई की बात सुन दादी उसे देखकर फूली नहीं समाती थी। वह कभी काम करने के लिए आगे बढ़ती तो दादी उसे मना कर देती और पढ़ाई करने की बात कहती। वह भी अपनी दादी पर जान लुटाती थी। घटना के दिन जब दीपक पल्लवी के पास पहुंचा तो उसने चाय पीने की इच्छा जताई। इस पर पल्लवी ने ढाई बजे रात को चाय बनाई और दीपक को पिलाई। वह दोनों बैठकर बातें कर रहे थे कि दादी ने उन्हें देख लिया। इसके बाद उसने दादी को समझाने की कोशिश की। लेकिन दादी नाराज होती रही। इसके बाद दोनों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। लोगों का कहना है कि छह माह का प्यार दादी के दुलार पर भारी पड़ गया। दादी की हत्या के बाद उसका जीवन भी बर्बाद हो गया है।