उरई। किसान दंपती से लूट के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने तीन साल की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोंच कोतवाली के ग्राम सिमिरिया निवासी संतराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था चार अगस्त 2015 को वह अपनी पत्नी को दिखाने उरई के अस्पताल आया था। वहां से वापस अपने गांव जा रहा था तभी कोंच के पास अज्ञात लोगों ने उसकी बाइक रोकर उसके साथ गाली गलौज की। जब उसने विरोध किया तो अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट कर उसका मोबाइल और ढाई हजार रुपये लूटकर भाग गए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में ध्यानचंद्र, मंटोले निवासी मडोरा थाना कोतवाली उरई, ब्रजमोहन निवासी गढ़र का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने 13 सितंबर 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ डकैती कोर्ट में 9 नवंबर 2015 को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने पर मंटोले व ध्यानचंद्र को डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ अवनीश कुमार ने दोषमुक्त कर दिया। जबकि ब्रजमोहन को दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।