उरई। कस्बा एट में वर्ष 2012 को 2 लोगों पर हुए जानलेवा हमला करने वाले को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अमित पाल सिंह ने दोषी को दस साल कारावास की सजा सुनाई। इतना ही नहीं जज ने दोषी पाए गए युवक पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने बताया कि वादी हल्के पाल ने एट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 जुलाई 2012 की शाम करीब साढ़े सात बजे उसका भतीजा अखिलेश अपने साथी धर्मेंद्र के साथ कस्बा एट के हनुमान मंदिर के पास मुन्ना मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। तभी कस्बा एट के गीता आश्रम के पास का निवासी मुश्ताक उर्फ भोपाली पुत्र मुहम्मद खान आया और गालीगलौज करने लगा। मना करने पर एट ने चाकू से हमला कर दिया। जिसमें अखिलेश और धर्मेंद्र बुरी तरह जख्मी हुए थे और दोनों को इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया था। इस घटना को लेकर अखिलेश के चाचा ने हल्के पाल ने मुस्ताक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अमित पाल सिंह की कोर्ट में चल रही थी। दोनों पक्षों की दलीलें व गवाहों के बयान सुनने के बाद सोमवार को अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने मुश्ताक को मामले का दोषी पाया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अपर जिला जज ने मुश्ताक उर्फ भोपाली को 10 साल कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।