उरई। घर में घुसकर चोरी करने और किशोरी की हत्या करने का दोष साबित होने पर एडीजे अंजू राजपूत ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता ह्देश कुमार पांडेय ने बताया कि रेंढर थाना क्षेत्र के कस्बा रेंढर निवासी मानसिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 19 जनवरी 2019 को घर से भेड़ लेकर खेतों पर चला गया था और उसकी पत्नी मटर तोड़ने खेतों पर गई थी। घर पर उसकी बेटी मनीषा अकेली थी। तभी अज्ञात बदमाश अज्ञात घर में घुस आए और कमरे में रखे बक्से से 41 हजार रुपये और सोने चांदी के आभूषण चोरी करके भागने लगे। इसी बीच उसकी बेटी मनीषा ने उन्हे देख लिया और विरोध किया तो बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी और उसका शव भूसे वाले घर में दबा दिया था। बदमाश उसकी बेटी के नाक, कान और पैरों में पहने सोने चांदी के जेवर भी निकाल ले गए। पुलिस ने बदमाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की तो मोहल्ले के ही ब्रजेश कुशवाहा का नाम विवेचना में सामने आया।
पुलिस ने ब्रजेश को 2 फरवरी 2019 को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी के आभूषण बरामद किए। इसके बाद उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय में 4 मार्च 2019 को चार्जशीट दाखिल की। पांच साल चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें ब्रजेश को दोषी पाते हुए एडीजे अंजू राजपूत ने दस साल की कैद और एक लाख 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।