उरई (जालौन)। किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में आरोप साबित होने पर अपर जिला जज पाक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने दस साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला चार साल पुराना है।
शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि आटा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बेटी (16) को गांव का ही संजीत पुत्र लालमन 14 नवंबर 2015 की रात बहला फुसलाकर बंगलुरू ले गया और एक महीने तक उसे साथ रखकर दुष्कर्म भी किया। जैसे ही संजीत को पता चला कि उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है तो किशोरी को छोड़कर भाग गया। बाद में पुलिस ने संजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस समय संजीत जेल में ही है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि संजीत पर दोष साबित होने पर दस साल की सजा और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।