महेबा। बीमारी से परेशान किशोर ने घर के कमरे में साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही किशोर का अंतिम संस्कार कर दिया।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के बैरई गांव निवासी रमेशचंद्र का 15 वर्षीय पुत्र प्रेमचंद्र उर्फ आलू घर में ही दुकान किए था। उसे चर्मरोग की बीमारी थी, जिससे वह परेशान रहता था। रविवार शाम चार बजे उसने कमरे का दरवाजा बंद कर मां की साड़ी व साफी से कमरे में लगे पंखे के हुक से फांसी लगा ली। परिजनों को जब जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने बताया कि वह चर्मरोग से परेशान था। उसके परिवार में एक कार्यक्रम था जिसमें घर के लोग शामिल होने गए थे। उसी दौरान किशोर ने फांसी लगाकर जान दे दी।