जिला महिला अस्पताल का कायाकल्प की तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। इसमें टीम ने कई जगह खामियां पकड़ी और निर्देश दिया कि उनका कल भी निरीक्षण जारी रहेगा, यदि कल तक कमियां ठीक नहीं होती है तो वे उनके प्वाइंट काट लिए जाएंगे।
क्वालिटी इश्योरेंस प्रोग्राम के तहत कायाकल्प योजना चल रही है। इसके लिए तीन सदस्यीय मूल्यांकन टीम पूर्व संयुक्त निदेशक अलीगढ़ डा. राजेंद्र वार्ष्णेय, क्वालिटी इश्योरेंस के मंडलीय सलाहकार कानपुर डा. सुरेंद्र कुमार और डीपीएम इटावा डा. संदीप कुमार के नेतृत्व में आई थी और उसने बारीकी से महिला अस्पताल की बिंदुवार जांच की।
मरीजों के डाक्टर तक पहुंचने वाले मार्ग में रखी कुर्सियों को एक तरफ रखने के निर्देश दिए। साथ ही डाक्टर और मिलने वाली सुविधाओं के इंडीकेशन बोर्ड भी साफ और स्पष्ट लिखने को कहा। यही नहीं डाक्टरों के रूम के बाहर तथा सीढ़ियों के पास लटकती केबल देखकर टीम भड़क गई और हिदायत दी कि इसे तत्काल ऊंचा कराया जाए ताकि लोग हाथ से इसे न छू पाए।
टीकाकरण कक्ष में अव्यवस्थाएं मिलने पर नाराजगी जताई। इस दौरान सीएमएस डा. सुनीता बनौधा, कायाकल्प सलाहकार डा. अरुण कुमार, डा. एसके पाल, डा. एमके वर्मा, आरडी गौतम, देवराज राजपूत, गंधर्व सिंह आदि मौजूद रहे।
जिला सलाहकार क्वालिटी इश्योरेंस डा. अरुण कुमार ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत टीम अस्पताल का रखरखाव, स्वच्छता, बायोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, सहयोगी सेवाएं और अस्पताल की चाहरदीवारी के बाहर अतिक्रमण समेत कई बिंदुओं का बारीकी से निरीक्षण किया है।
दो दिन तक निरीक्षण करने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी, यदि वहां से सब ठीक रहता है तो कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों को पुरस्कार राशि दी जाती है। इसमें 70 फीसदी से अधिक अंक लाना अनिवार्य है।