संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। टीबी हारेगा देश जीतेगा के सक्रिय रोग खोज अभियान के दो चरण पूरे हो गए हैं। इसमें 42 नए टीबी मरीज मिले हैं। इन सभी मरीजों का पंजीकरण कर उनका इलाज शुरू करने का काम शुरू हो गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुग्रीव बाबू ने बताया कि तीन चरणों में चलने वाला यह अभियान 26 दिसंबर से शुरू हुआ था। पहले चरण में 26 दिसंबर से एक जनवरी तक जेल, वृद्धाश्रम, अंध विद्यालय, मदरसा आदि में क्षय रोग विभाग की टीम ने अभियान चलाया था। जिला कारागार में एक संभावित मरीज मिला था। दूसरा चरण 2 जनवरी से 12 जनवरी तक दस दिवसीय डोर टू डोर अभियान चलाया गया। इसमें 41 नए मरीज खोजे गए। क्षय रोग की पुष्टि होने पर सभी का इलाज शुरू कर दिया गया। तीसरा चरण बुधवार से शुरू हो गया। जो 25 जनवरी तक चलेगा। इसमें प्राइवेट सेक्टर के डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों, पैथालॉजी आदि स्थानों पर विभागीय टीम नए मरीजों को खोजने का काम करेगी। इसके लिए जिले में नौ टीमें बनाई गई है। डीपीसी नुरुल हुदा व जिला प्राइवेट पब्लिक मिक्स कोआर्डिनेटर आलोक मिश्रा ने बताया कि कोंच, माधौगढ़, जालौन, कदौरा, नदीगांव, कुठौंद, बाबई स्वास्थ्य केंद्रों के लिए माइक्रो प्लान बनाकर काम शुरू कर दिया गया है।
वैक्सीन की भ्रांतियों को दूर करेगा आईएमए
उरई। कोविड वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगे आया है। तय हुआ है कि संगठन से जुड़े डॉक्टर सबसे पहले वैक्सीन लगवाने को तैयार है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. पीसी पुरोहित व सचिव डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि 16 जनवरी से देश में जो वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। उसमें सबसे पहले मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ का टीकाकरण होगा। उन्होंने कहा कि आईएमए टीकाकरण कार्यक्रम का समर्थन करती है और देशहित में सबसे पहले संगठन से जुड़े लोग टीकाकरण कराकर लोगों को बताएंगे कि हमारे वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया टीका सुरक्षित और असरदार है। (संवाद)