जालौन। तांत्रिक क्रिया कराने के नाम पर दिव्यांग बच्चों को भेजने के लिए पहले तो रिश्तेदार ने धन का लालच दिया जब मां नहीं मानी तो बच्चों को जबरन बाइक पर ले जाने लगे। बच्चों के शोर मचाने पर मोहल्लेवालों को आता देख रिश्तेदार भाग निकले। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी बॉबी सुल्तान पत्नी रईस अहमद के दो बेटे हैं। दोनों ही बेटे जन्म से दिव्यांग हैं। बॉबी सुल्तान ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम 4 बजे उसके घर नारोभास्कर निवासी रिश्तेदार कल्लू दो अज्ञात साथियों के साथ बाइक से आया। घर के बाहरी कमरे में स्थित परचून की दुकान पर वह अपने दोनों बच्चों के साथ बैठी थीं। कल्लू ने बताया कि उसे कुछ तांत्रिक क्रिया संपन्न करानी है। जिसके लिए उसे ढाई फीट की लंबाई के बच्चे की जरूरत है। इसके लिए उनके बच्चे उपयुक्त हैं। यदि वह बच्चों को उनके साथ भेज देती है तो तांत्रिक क्रिया संपन्न कराने के बाद वह उन्हें कुछ धन भी देगा।
इस बात को सुनकर वह घबरा गई और उसने बच्चों को तांत्रिक क्रिया में भेजने से इंकार कर दिया। जिसके बाद कल्लू ने उससे पानी मांगा। रिश्तेदार होने के नाते वह पानी लेने दुकान से घर के अंदर चली गई। तभी तीनों लोग उसके पुत्र अमन (12) व समद (8) को जबरन अपने साथ बाइक पर बैठाने लगे। यह देखकर बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चों को की आवाज सुनकर वह भी बाहर दौड़ी। उसे व मोहल्ले के लोगों को आता देख तीनों लोग बच्चों को वहीं छोड़कर भाग गए। इस संदर्भ में चौकी प्रभारी संजीव दीक्षित ने बताया कि परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली गई है। अभी परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है फिर भी पुलिस आरोपितों का पता लगा रही है।