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बच्चे को स्तनपान कराते वक्त भी बरते सावधानी 16-12-55

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डाक्टर संजीव अग्रवाल। - फोटो : ORAI
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उरई। वैश्विक कोरोना महामारी के बीच छोटे बच्चों को पूर्ण आहार मिलता रहे, इस पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के चलते उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी इस बारे में लोगों को जागरूक करने में जुटा है। पोस्टर और पंफलेट जारी कर सावधानी बरतने के प्रति सचेत किया जा रहा है।
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अस्पतालों को भी यह निर्देश है कि यदि मां कोविड-19 से संक्रमित है या उसकी संभावना है, तब भी स्वास्थ्य कर्मचारी स्वच्छता के सारे मानकों का पालन करते हुए बच्चे को जन्म के पहले घंटे में मां का दूध पिलाना सुनिश्चित करें। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. संजीव अग्रवाल का कहना है कि कोरोना वायरस मां के दूध में नहीं पाया जाता पर खांसने या छींकने पर बूंदों और एरोसेल के माध्यम से फैलता है।
यदि मां पूरी सावधानी के साथ अपने स्वच्छता व्यवहार पर ध्यान दे तो स्तनपान करने पर भी संक्रमण से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर पीला गाढ़ा दूध पिलाना इसलिए भी जरूरी होता है क्योंकि वही उसका पहला टीका होता है जो कि कोरोना जैसी कई बीमारियों से बच्चों की रक्षा कर सकता है। मां के दूध में एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। शुरू के छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध देना चाहिए क्योंकि उसके लिए वही संपूर्ण आहार होता है।
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मास्क पहनकर कराएं स्तनपान
बदलते मौसम के दौरान यदि मां बुखार खांसी या सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रही है तो वह बच्चे को पूरी सावधानी के साथ स्तनपान कराए। मास्क पहनकर ही बच्चे को स्तनपान कराएं। खांसते और छींकते समय अपने मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढक लें। छींकने और खांसने के बाद बच्चे को अपना दूध पिलाने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन और पानी से 40 सेकेंड तक धोएं।
बच्चों के पूरक आहार का रखें ख्याल
छह माह से बड़े बच्चों को स्तनपान कराने के साथ ही पूरक आहार देना भी शुरू करना चाहिए क्योंकि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास का समय होता है। इस दौरान दाल, दूध, दूध से बने पदार्थ, मौसमी फल और हरी सब्जियां देना चाहिए। लाकडाउन के दौरान ताजे फल या सब्जी न मिल पाए तो अन्य खाद्य सामग्री काम में लाए, बस इतना ख्याल रहे कि बच्चे का हर निवाला पोषण से भरपूर हो।
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