कोंच। क्षेत्र के 12 गांवों की 30 हजार की आबादी को 16 घंटे तक बिजली नहीं मिली।
इस संकट से उन्हें पानी की समस्या झेलनी पड़ी। सुबह से गई बिजली देर रात आई। इस बीच ग्रामीण लगातार शिकायत करते रहे, लेकिन विभागीय अधिकारी हीलाहवाली करते रहे।
कोंच फीडर से पड़री, भदारी, बरोदा, चमरसेना, सिमिरिया, विरगुवां बुजुर्ग, ताहरपुरा, पनयारा, मनोरी, कैथी, अकोढ़ी, दिरावटी गांव को बिजली की सप्लाई होती है। शनिवार की सुबह इस बिजलीघर में रिले खराब हो गई। रिले खराब होने से सप्लाई बंद हो गई। सुबह छह बजे बिजली व्यवस्था लड़खड़ा जाने से पानी का संकट भी गहरा गया।
कई घरों में पानी नहीं आया तो उन्हें आसपास के क्षेत्रों से उसे ढोने पर मजबूर होना पड़ा। आरोप है कि इस दिक्कत से परेशान लोगों ने बिजलीघर शिकायत की तो उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।काफी देर तक हीलाहवाली होती रही बाद में उरई बिजलीघर से रिले मंगाई और फिर खराब रिले को बदलकर सप्लाई चालू की गई। देर रात जब दस बजे बिजली आई तो जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
एसडीओ अनुरुद्ध कुमार मौर्य व जेई अंकित साहनी ने बताया कि रिले खराब होने की वजह से समस्या आई थी, ठीक कर ली गई।
जेई गौरव कुमार ने बताया कि रिले वैक्यूम सर्किट ब्रेकर में लगता है। रिले की एक मशीन होती है। यह मशीन यानि रिले कहीं फॉल्ट होने पर लाइन ट्रिपिंग कर देती है, जिससे मशीन में बड़ा फॉल्ट होने से बच जाता है। इसके साथ ही वह कहां फॉल्ट हुआ है, इसका संकेत भी देती है। इसके बगैर सप्लाई के चालू नहीं किया जा सकता। क्योंकि बड़ी घटना से सुरक्षा के लिए रिले जरूरी हैै।