इस बार गर्मी जल्द पड़ने से गुलाब की महक भी कम हो गई है। इससे गुलाब की खेती करने वाले किसान खासे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि तेज धूप पड़ने से फूल छोटा और पंखुड़ियां झड़ गई हैं। गुलाब की तरह चमेली, गेंदा और नौरंगा आदि फूलों की महक भी पहले की अपेक्षा काफी कम हो गई है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। यहां तक कि खेती में जो पैसा लगाया है, वह भी निकलना मुश्किल दिख रहा है। वहीं कम आवक होने के कारण बाजार में भी फूल काफी मंहगे बिक रहे हैं।
बता दें कि इस साल मार्च के अंतिम सप्ताह से तेज धूप होने के कारण भीषण गर्मी पड़ रही है। डकोर ब्लाक के गांव कुठौंदा, मुहम्मदाबाद, बोहदपुरा में फूलों की खेती करने वाले किसान भी तेज धूप की चपेट आकर फूलों की खेती में नुकसान उठा रहे हैं। मार्च की तरह अप्रैल में भी तेज धूप का असर फूलों की खेती पर पड़ा। इससे फूल छोटा निकला और धूप की वजह से पंखुड़ियां भी झड़ रही हैं। किसान चंदन सोनी, ऊदल, अखिलेश, मनोज आदि का कहना है कि पहले अप्रैल में तेज धूप निकलने की शुरुआत होती थी। जिससे मई, जून माह में सहालग में फूलों से किसानों को अच्छी फसल के साथ साथ ही फायदा भी अच्छा हो जाता था, मगर इस वर्ष तेज धूप ने खेती को बर्बाद कर दिया है।
गर्मी के कारण महंगे मिल रहे फूल
इस बार गर्मी के कारण फूलों के दाम आसमान चढ़ गए हैं। पहले की अपेक्षा फूल काफी महंगे बिक रहे हैं। गुलाब 200 सौ रुपये किलो, गेेंदा 40, नौरंगा 30 रुपये व चमेली का फूल 400 रुपये किलो में मिल रहा है। शेहरा व जयमाला बनाने में विदेशी फूलों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसमें सादा माला 500 से 800 तक है। वहीं, विदेशी फूलों की जयमाला चार हजार रुपये तक में बिक रही है। सेहरा एक हजार से लेकर 1500 रुपये तक का पड़ रहा है।
क्या कहते हैं फूल विक्रेता
बर्फ लगाकर रखने पड़ रहे फूल
फूल विक्रेता प्रमोद व अशोक का कहना है कि गाड़ियों की सजावट व स्टेज, गेस्ट हाउस में सजावट करने के लिए प्लास्टिक व रेडीमेड फूलों का इस्तेमाल हो पहा है। असली फूलों को तो बर्फ लगाकर रखना पड़ रहा है।
मांग अधिक पर माल नहीं मिल रहा
शहर के सुरेश माली ने बताया कि सहालग चल रही है, ऐसे में फूलों की मांग अधिक हैं। वहीं, गर्मी की वजह से माल भी कम मिल रहा है। ज्यादा माल स्टाक करने पर यह खराब भी हो रहा है, इससे दुकानदार परेशान हैं।