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युवक ने फांसी लगाई, पुलिस पर प्रताडना का आरोप

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उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र में जेल से छूटे युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर ही आत्महत्या की है। शव गृह में युवक के शव की एक आंख क्षत विक्षत देख गुस्साए परिजनों ने अस्पताल गेट के बाहर ही कुछ मिनटों के लिए जाम लगाकर हंगामा भी किया। तब सीओ सिटी संतोष कुमार ने समझा बुझा कर जाम खत्म कराया। पुलिस का कहना है कि आंख के क्षत विक्षत होने का कारण जानवर भी हो सकते हैं। एएसपी राकेश सिंह का कहना है कि परिजनों के आरोपों की जांच सीओ सिटी को दी गई है।
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इंद्रानगर निवासी स्वर्गीय सुरेश राक्यवार के मजदूरी करने वाले 20 साल के बेटे विनय ने शुक्रवार की रात अपने घर में पंखे के सहारे रस्सी से फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर रात ही शव को शव गृह में रखवा दिया। शनिवार की सुबह विनय की मां गुड्डन देवी एसपी दफ्तर पहुंची और पुलिस अधिकारियों को बताया कि मंडी चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह उसके बेटे के पीछे पड़े थे। एक महीने पहले भी फर्जी मामले में विनय को जेल भेज था। कुछ ही दिन पहले ही जेल से छूटे बेटे को दोबारा जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने दो तीन दिन पहले बेटे को पीटा भी था। जिसके चलते वह दहशत में था और इसी कारण से उसने फांसी लगा ली।
शनिवार की दोपहर में परिजन शव गृह पहुंचे तो देखा कि विनय के शव की एक आंख (दांयी) क्षत विक्षत है। तब तो फिर से पुलिस पर पिटाई व लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। भीड़ के साथ परिजन शव लेकर जिला अस्पताल की सड़क पर आ गए। सूचना पर सीओ सिटी कोतवाली पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब पंद्रह मिनट बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी ने बताया कि बीती 8 अप्रैल को विनय के पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ था। इस मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। यदि दरोगा दोषी होंगे तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। रही बात आंख क्षत विक्षत होने की तो वह पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा।
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दरोगा ने तोड़ दी बुढ़ापे की लाठी
कोतवाली से लेकर शव गृह और फिर सड़क पर लगे जाम के दौरान भी विनय की मां गुड्डन बार बार दरोगा को ही कोसती रही। उसके मुंह से हाय दइया जा दरोगा ने हमाए बुढापेऊ की लाठी तोर दई सुनकर आसपास खड़े लोगों की भी आंखे नम हो रही थी। गुड्डन बार बार सीओ के पैरों के पास भी बैठ रही थी। इस पर सीओ ने भी बैठकर उसे समझाया।
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कैसे पीले होंगे बहना के हाथ
विनय दो बहनों में अकेला भाई था। बड़ी बहन सोनिया की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन मुस्कान की नहीं। सोनिया बार बार यही चिल्ला रही थी कि अब किसे राखी बांधेगी। एक ही तो भाई था। अब कौन छोटी बहन की शादी कराएगा। हे भगवान पुलिस ने तो परिवार पर मुसीबत का पहाड़ ही गिरा दिया।
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डबल मर्डर से भी भयभीत था विनय
इसी सप्ताह कांशीराम कालोनी निवासी मामा-भांजे की भी हत्या हुई थी। इस मामले में अधिकांश आरोपी भी इंद्रानगर के ही थे। विनय के परिजनों ने बताया कि उसे इस बात का भी डर था कि कहीं दरोगा उसे दोहरे हत्याकांड में भी फर्जी फंसाकर जेल न भेज दे। जिस कारण भी वह दहशत में रहा करता था।
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- शव गृह के चूहे, नेवले बने लाइलाज
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का कहना है कि शव गृह में चूहों और नेवलों की संख्या अधिक है। इस कारण अक्सर ही वे शवों को क्षत विक्षत कर देते हैं। हैरत की बात तो यह है कि समस्या बताने वाले लोगों ने उसके समाधान का क्या प्रयास किया। इस सवाल पर सभी चुप्पी साध जाते हैं।
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आंख गायब होने की भी होगी जांच
शव गृह में एक आंख गायब होने के मामले में प्रभारी सीएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह का कहना है कि यह जांच का विषय है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि शव गृह में चूहे व नेवले हैं। फिर भी देखा जाएगा कि पंचनामा में शारीरिक अंगों के बारे में क्या जानकारी अंकित की गई है। इसके बाद पीएम रिपोर्ट भी देखी जाएगी।
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पहले भी खाकी पर लग चुके आरोप
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- करीब एक साल पूर्व उरई कोतवाली क्षेत्र में युवती ने भी पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर फांसी लगाई थी।
- लगभग दो साल पूर्व चुर्खी थाना क्षेत्र में हवालात में ही युवक ने फांसी लगाई थी।
- इसी साल मार्च में कोंच कोतवाली में आरोपी ने खुद को तार से घायल किया था।
- 6 माह पूर्व डकोर पुलिस पर भी बेवजह युवकों को पीटने के आरोप में भीड़ ने हंगामा किया था।
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