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बाबा की भक्ति में वीआरएस चाहते थे दरोगाजी

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उरई/रामपुरा (जालौन)। बाबा मणींद्र महाराज की सुरक्षा में लगाए गए दरोगा राजेंद्र तिवारी बाबा भक्ति में इस हद तक रम गए थे कि पुलिस महकमे की जगह पूरी तरह बाबा की सेवा करने के लिए वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने का इरादा भी बना लिया था।
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आश्रम से जुड़े सूत्र और दरोगा के करीबी बताते हैं कि तीन माह पूर्व भी दरोगा ने वीआरएस के लिए भी प्रार्थनापत्र दिया था। बाद में बाबा के समझाने पर वीआरएस का आवेदन उच्चाधिकारियों तक पहुंचने से पहले वापस भी ले लिया था।
मूलत: कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले राजेंद्र तिवारी ने सिपाही से पुलिस महकमे में नौकरी की शुरुआत की थी। समयबद्ध पदोन्नति से दरोगा का पद हासिल किया था। छह माह पूर्व ही रामपुरा थाने से दरोगा की ड्यूटी आश्रम में बाबा की सुरक्षा के लिए लगाई गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक दरोगा राजेंद्र तिवारी बाबा की सुरक्षा के साथ-साथ सेवादारी भी करता था।
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प्रभावी लोगों से संपर्क में जुटे बाबा के परिजन
बाबा मणींद्र महाराज के जिले से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक जिन-जिन प्रभावशाली लोगों से संपर्क थे, अब परिजन उन्हीं लोगों से संपर्क साधने में लगे हैं। बाबा को जेल भेजने को बड़ी साजिश बताने वाले उनके करीबी व घर वालों का कहना है कि साजिश का सच बेनकाब कराने में उच्च पदस्थ लोगों का दखल मददगार हो सकता है।
छह नामजद व 25 अज्ञात पर मामला दर्ज
रामपुरा के निनावली जागीर आश्रम में हुई हत्या के बाद ग्रामीणों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में थाना पुलिस ने उपनिरीक्षक राजेश कुमार मिश्र की तहरीर पर आशुतोष पुत्र वीरनारायण, जीतू और राजीव पुत्रगण जयश्री ओम, राजीव पुत्र नारायण शर्मा, लल्लू प्रधान निनावली, जुली पुत्री सुदामा तिवारी सहित 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड व क्रिमनल लॉ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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