उरई/कोंच। रक्षाबंधन पर शनिवार को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा के चक्कर में भीड़भाड़ रही। बस आने पर सवारियां उतर नहीं पा रही थी कि बाहर खड़ीं सवारियां सीट पाने के लिए जद्दोजहद करती दिखीं। वह खिड़कियों से बैग रखकर सीट पाने का प्रयास करती दिखी।
इस बार सरकार ने रोडवेज बसों में महिलाओं व उसके साथ एक सहयात्री के लिए तीन दिन निशुल्क यात्रा की सौगात दी है। सुबह से ही बस स्टैंड पर महिला यात्रियों को भीड़ लगी रही। बसें खड़ी भी नहीं हो पा रही थी बाहर खड़ी सवारियां खिड़कियों में बैग डालकर सीटों पर कब्जा कर रहे थे। बसें ठसाठस भरी नजर आ रही है। एआरएम कमल किशोर आर्य का कहना है कि स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है और कहा गया है कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराए।
छोटी बहनों ने पिता-भाई के साथ की फ्री यात्रा
इस का रक्षाबंधन छोटी बहनों के लिए भी खास रहा। इस बार एक महिला यात्री के साथ सहयात्री भी फ्री होने से उसका लाभ छोटी बहनों ने लिया। छोटी बहने अपने पिता या भाई के साथ अपने बुआ और बहनों के यहां जाते नजर आई।
बिना किराये यात्रा करने की सराहना की
कोटरा। रक्षाबंधन पर्व पर सुबह से ही महिलाएं रोडवेज बस का इंतजार करती देखी गई। कस्बा से एट, उरई, कानपुर एवं झांसी, गुरसराय के रास्ते चलने वाली रोडवेज बसों में महिलाओं की भीड़ रही। रोडवेज बसों में बिना किराया यात्रा करने की सुविधा की महिलाओं ने सराहना की।
ट्रेनों में रही भीड़, रोककर भी चलाईं ट्रेनें
उरई। झांसी कानपुर रेलखंड पर झांसी और कानपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ रही। इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। भीड़ को देखकर ट्रेनों को अतिरिक्त रोककर चलाया गया।
गोमतीनगर (लखनऊ) से बंगलुरू जाने वाली स्पेशल ट्रेन 06530 तीन घंटा देरी से आई। झांसी से कानपुर की ओर जाने वाली यशवंतपुर से गोरखपुर ट्रेन नंबर 15024, पनवेल से गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, झांसी से कानपुर मेमू, ग्वालियर से बरौनी वाली जाने वाली छपरा मेल, आजमगढ़ से मुंबई जाने वाली संत कबीर नगर एक्सप्रेस व लखनऊ और कानपुर की ओर से आने वाली कुछ ट्रेन डेढ़ घंटा देरी से आई। गोरखपुर से यशवंतपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस, बरौनी से ग्वालियर जाने वाली छपरा मेल, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली गोरखपुर मुंबई एक्सप्रेस और कानपुर झांसी मेमू में अधिक भीड़ रही। जनरल कोचों के अलावा स्लीपर में भी यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। रक्षाबंधन के त्योहार पर 3000 से अधिक टिकटों की बिक्री हुई। जिसमें 6000 से अधिक लोगों ने यात्रा की।
स्टेशन अधीक्षक एसके खरे त्योहार को देखते दोनों टिकट खिड़कियां चलाई गई। इसके अलावा एटीवीएम मशीनों को चालू रखा गया। जिसमें कई यात्रियों ने मशीनों से भी टिकट निकाले। मशीन पर काम करने वाले कर्मचारी (सुविधा दाताओं) से कहा गया कि यात्रियों को टिकट निकलने में कोई दिक्कत न हो। त्योहार पर आरपीएफ भी अलर्ट रही। यात्रियों को सुरक्षित रवाना करने में कर्मचारी लगे रहे।